पीलीभीत के छह युवक रोजगार की तलाश में रूस जाकर फंस गए हैं। शाहजहांपुर के एक एजेंट ने उन्हें धोखा दिया, जिसके बाद वे रूस में अमानवीय परिस्थितियों में 12-12 घंटे काम करने को मजबूर हैं। इन युवकों ने रूस से वीडियो भेजकर केंद्रीय राज्य मंत्री और क्षेत्रीय सांसद जितिन प्रसाद से अपनी वतन वापसी की गुहार लगाई है। गजरौला, बरखेड़ा और बीसलपुर थाना क्षेत्रों के निवासी छोटेलाल, राजा बाबू, गिरीश कुमार, रामवीर, महेश पाल और बेगराज को शाहजहांपुर के बंडा निवासी एजेंट हरनारायण ने वर्क वीजा और अच्छी नौकरी का झांसा दिया था। एजेंट ने इन युवकों से 15 लाख रुपए लिए और 26 सितंबर 2025 को उन्हें दिल्ली से रूस के लिए रवाना किया। परिजनों के अनुसार, युवकों को वर्क वीजा के बजाय टूरिस्ट वीजा पर रूस भेजा गया था। वहां उन्हें 30 से 35 मंजिल ऊंची इमारतों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और कोई वेतन नहीं दिया जा रहा। टूरिस्ट वीजा पर होने के कारण रूसी पुलिस ने दो युवकों को पकड़कर जुर्माना भी वसूला है। अब वे अपने कमरों में कैद हैं और एजेंट ने उनसे संपर्क तोड़ दिया है। पीड़ित युवकों के परिजनों ने क्रांतिकारी विचार मंच के संरक्षक देव स्वरूप पटेल के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से मुलाकात की। सांसद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क स्थापित किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि “युवकों की वतन वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दूतावास के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन युवाओं को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जाए।”


