सिवान नगर परिषद में सरकारी संचिकाओं और अभिलेखों से छेड़छाड़ के मामले में अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दैनिक भास्कर द्वारा इस गंभीर मामले को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरअसल, नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के निलंबन के ठीक अगले दिन नगर परिषद कार्यालय परिसर में सरकारी फाइलों और रजिस्टरों से छेड़छाड़ का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि कुछ लोग जबरन निर्गत रजिस्टर और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। इस वीडियो को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से संज्ञान में लिया गया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए
जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता (एडीएम) और जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी को सौंपी गई। जांच टीम ने वीडियो क्लिप, घटनाक्रम और संबंधित तथ्यों की गहन समीक्षा की। जांच रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। डीएम के आदेश पर नगर परिषद के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वार्ड पार्षद भोलू साह उर्फ राजा राम, वार्ड पार्षद कृष्णा साह के अलावा नगर परिषद के ठेकेदार सन्नी गुप्ता, अंकुर सिंह और सत्येन्द्र कुमार के विरुद्ध अविलंब स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही, इस संबंध में की गई कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन भी जिलाधिकारी को समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि सरकारी संचिकाओं और अभिलेखों से छेड़छाड़ न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकारी कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं। सिवान नगर परिषद में सरकारी संचिकाओं और अभिलेखों से छेड़छाड़ के मामले में अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दैनिक भास्कर द्वारा इस गंभीर मामले को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरअसल, नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के निलंबन के ठीक अगले दिन नगर परिषद कार्यालय परिसर में सरकारी फाइलों और रजिस्टरों से छेड़छाड़ का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि कुछ लोग जबरन निर्गत रजिस्टर और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। इस वीडियो को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से संज्ञान में लिया गया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए
जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता (एडीएम) और जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी को सौंपी गई। जांच टीम ने वीडियो क्लिप, घटनाक्रम और संबंधित तथ्यों की गहन समीक्षा की। जांच रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। डीएम के आदेश पर नगर परिषद के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वार्ड पार्षद भोलू साह उर्फ राजा राम, वार्ड पार्षद कृष्णा साह के अलावा नगर परिषद के ठेकेदार सन्नी गुप्ता, अंकुर सिंह और सत्येन्द्र कुमार के विरुद्ध अविलंब स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही, इस संबंध में की गई कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन भी जिलाधिकारी को समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि सरकारी संचिकाओं और अभिलेखों से छेड़छाड़ न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकारी कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।


