सीवान DM ने पत्रकार को दी FIR की धमकी:सदर अस्पताल निरीक्षण के दौरान वीडियो डिलीट कराया, समीक्षा बैठक से पहले का मामला

सीवान DM ने पत्रकार को दी FIR की धमकी:सदर अस्पताल निरीक्षण के दौरान वीडियो डिलीट कराया, समीक्षा बैठक से पहले का मामला

सीवान के सदर अस्पताल परिसर में मंगलवार को आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक से पहले जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये का अचानक निरीक्षण विवादों में आ गया। बैठक हेतु अस्पताल पहुंचे डीएम ने परिसर की गंदगी और अव्यवस्था देख अधिकारियों पर कड़ी फटकार तो लगाई, लेकिन इसी दौरान पत्रकार के साथ किए गए व्यवहार ने मामले को नया मोड़ दे दिया। डीएम मैत्रये जैसे ही सदर अस्पताल पहुंचे, निरीक्षण शुरू कर दिया। ओपीडी की ओर बढ़ते समय रास्ते में कीचड़, जलजमाव और कचरे का अंबार देखकर सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक और जिला कार्यक्रम प्रबंधक को जमकर डांट लगाई। उन्होंने तत्काल जल निकासी और सफाई व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया। पोस्टमॉर्टम हाउस में मिला ताला बंद इसके बाद डीएम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे लेकिन यहां की स्थिति और भी दयनीय निकली। जर्जर भवन, अव्यवस्था और बंद दरवाजे ने उनका गुस्सा और बढ़ा दिया। निरीक्षण के दौरान पोस्टमॉर्टम हाउस में ताला बंद मिला। वहीं ब्लड बैंक के शिफ्ट न होने और पुराने भवन को ढहाने में देरी की शिकायत मिलने पर डीएम ने नए अस्पताल भवन के चौथे तल पर सील लगे कमरे का ताला तोड़कर तत्काल शिफ्टिंग कराने का आदेश दे दिया। DM ने जेल भेजने की दी धमकी वहीं, निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद दैनिक भास्कर के संवाददाता ने इस कार्रवाई को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो डीएम विवेक रंजन मैत्रये केवल नाराज ही नहीं हुए, बल्कि रिपोर्टर से वीडियो डिलीट करवाया और उसके बाद कथित रूप से एफआईआर कर जेल भेजने की धमकी दे डाली। इससे अस्पताल परिसर में उपस्थित अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि एक पल को स्तब्ध रह गए। इसके बाद जब पत्रकारों ने डीएम से निरीक्षण के निष्कर्ष पर सवाल किया तो उन्होंने साफ जवाब देने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि “कुव्यवस्था दिखी है, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।” लेकिन मीडिया प्रतिनिधि पर कथित धमकी और फुटेज जबरन डिलीट कराने के आरोप पर चुप्पी साधे रहे। सीवान के सदर अस्पताल परिसर में मंगलवार को आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक से पहले जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये का अचानक निरीक्षण विवादों में आ गया। बैठक हेतु अस्पताल पहुंचे डीएम ने परिसर की गंदगी और अव्यवस्था देख अधिकारियों पर कड़ी फटकार तो लगाई, लेकिन इसी दौरान पत्रकार के साथ किए गए व्यवहार ने मामले को नया मोड़ दे दिया। डीएम मैत्रये जैसे ही सदर अस्पताल पहुंचे, निरीक्षण शुरू कर दिया। ओपीडी की ओर बढ़ते समय रास्ते में कीचड़, जलजमाव और कचरे का अंबार देखकर सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक और जिला कार्यक्रम प्रबंधक को जमकर डांट लगाई। उन्होंने तत्काल जल निकासी और सफाई व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया। पोस्टमॉर्टम हाउस में मिला ताला बंद इसके बाद डीएम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे लेकिन यहां की स्थिति और भी दयनीय निकली। जर्जर भवन, अव्यवस्था और बंद दरवाजे ने उनका गुस्सा और बढ़ा दिया। निरीक्षण के दौरान पोस्टमॉर्टम हाउस में ताला बंद मिला। वहीं ब्लड बैंक के शिफ्ट न होने और पुराने भवन को ढहाने में देरी की शिकायत मिलने पर डीएम ने नए अस्पताल भवन के चौथे तल पर सील लगे कमरे का ताला तोड़कर तत्काल शिफ्टिंग कराने का आदेश दे दिया। DM ने जेल भेजने की दी धमकी वहीं, निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद दैनिक भास्कर के संवाददाता ने इस कार्रवाई को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो डीएम विवेक रंजन मैत्रये केवल नाराज ही नहीं हुए, बल्कि रिपोर्टर से वीडियो डिलीट करवाया और उसके बाद कथित रूप से एफआईआर कर जेल भेजने की धमकी दे डाली। इससे अस्पताल परिसर में उपस्थित अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि एक पल को स्तब्ध रह गए। इसके बाद जब पत्रकारों ने डीएम से निरीक्षण के निष्कर्ष पर सवाल किया तो उन्होंने साफ जवाब देने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि “कुव्यवस्था दिखी है, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।” लेकिन मीडिया प्रतिनिधि पर कथित धमकी और फुटेज जबरन डिलीट कराने के आरोप पर चुप्पी साधे रहे।  

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