मेरठ की सिवालखास विधानसभा से राष्ट्रीय लोक दल के विधायक गुलाम मोहम्मद का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी। उनका दावा है कि मुस्लिम विधायक होने के बावजूद प्रदेश सरकार में उनकी पूरी सुनवाई होती है। विकास कामों के लिए उनके प्रस्तावों को स्वीकृति और बजट भी मिला है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने कार्यकाल के विकास कार्यों, भविष्य की योजनाओं और 2027 के चुनाव को लेकर खुलकर बात की। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: चार साल के अपने कार्यकाल में कौन से बड़े काम किए हैं?
जवाब: मैं 2012 से 2017 तक भी विधायक रहा हूं। उस समय केंद्र सरकार की एमएसडीपी योजना के तहत अल्पसंख्यक क्षेत्रों में विकास कार्य कराने थे। उस दौरान कई काम कराए, लेकिन चार इंटर कॉलेजों का काम अधूरा रह गया था। अब योगी आदित्यनाथ ने मेरी मांग को स्वीकार करते हुए उन चारों इंटर कॉलेजों में काम पूरा कराया और वे अब संचालित हो रहे हैं। सिवालखास के एक कॉलेज के लिए करीब 4 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा गांव की बेटियों के लिए स्कूल और कॉलेज बनवाए गए हैं। सिवालखानपुर और पतला रोड से जुड़े रास्तों का चौड़ीकरण कराया गया है। रमसा योजना के तहत सड़कों का निर्माण कराया गया। पीएचसी बनवाई हैं और एक मिनी स्टेडियम भी क्षेत्र को दिया जा रहा है। तीन जीआईसी के आसपास की सड़कों का भी निर्माण कराया गया है। सवाल: कोई ऐसा ड्रीम प्रोजेक्ट जो अभी बाकी है?
जवाब: मेरे लिए सबसे बड़ा सपना यह है कि मेरे क्षेत्र में हमेशा भाईचारा बना रहे और किसी प्रकार का वैमनस्य न हो। विकास कार्यों की बात करें तो सिवालखास की पीएचसी को सीएचसी को अपग्रेड कराना चाहता हूं। हर्रा, पिठलोखर और खिवाई में नई पीएचसी बनवाने की योजना है। कुछ और सड़कों का निर्माण भी कराना है। इसके अलावा खिवाई में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने की कोशिश कर रहा हूं। इसके लिए जमीन भी अधिग्रहित हो चुकी है। इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व से सहमति लेने का प्रयास रहेगा। सवाल: 2027 के चुनाव में क्या आपको टिकट मिलेगा?
जवाब: यह फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के हाथ में है। वे जिस तरह से मुझे उपयोगी समझेंगे, उसी तरह निर्णय करेंगे। अगर वे मुझे टिकट देते हैं तो मुझे विश्वास है कि जनता के प्यार से मैं फिर चुनाव जीत सकता हूं। सवाल: सिवालखास से आपके अलावा और किसकी दावेदारी देखते हैं?
जवाब: हर व्यक्ति अपनी दावेदारी करता है, यह स्वाभाविक है। लेकिन मैंने अपने काम में कोई कमी नहीं छोड़ी है। इसलिए मैं भी पूरे भरोसे के साथ कहता हूं कि पार्टी मुझे टिकट दे और मैं उम्मीदों पर खरा उतरूंगा। सवाल: आपने अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ दोनों के साथ काम किया है, दोनों सरकारों में क्या अंतर देखते हैं?
जवाब: दोनों ही मुख्यमंत्रियों के समय मेरे क्षेत्र के काम हुए हैं। इसलिए मैं दोनों को अच्छा मानता हूं। दोनों ही नेता जनता के लिए सोचने वाले और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने वाले हैं। मेरी बात दोनों सरकारों में सुनी गई है। सवाल: मुस्लिम विधायक होने के नाते कभी आपको भेदभाव महसूस हुआ?
जवाब: ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। योगी आदित्यनाथ ने कभी मेरे प्रस्तावों या विकास कार्यों को नहीं रोका। मैं उनका भी आभारी हूं और अखिलेश यादव का भी आभारी हूं। मेरे कई पुराने काम रुके हुए थे, उन्हें भी मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी। अगर मुझे उनसे मिलने के लिए समय चाहिए होता है और वे लखनऊ में होते हैं तो हमेशा पूरा समय मिलता है। लोगों को भरोसा है कि उनका विधायक उनके हितों का ध्यान रखता है और मैं उस भरोसे को निभाने की कोशिश करता हूं।


