SIR प्रक्रिया में हो रही अनियमितता…BJP:भाजपा नेता बोले BLO बूथ में नियमित नहीं रहते, कलेक्टर भी नहीं कर रहे समस्या का समाधान; निर्वाचन आयुक्त से की शिकायत

SIR प्रक्रिया में हो रही अनियमितता…BJP:भाजपा नेता बोले BLO बूथ में नियमित नहीं रहते, कलेक्टर भी नहीं कर रहे समस्या का समाधान; निर्वाचन आयुक्त से की शिकायत

छत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा, प्रदेश कार्यालय प्रमुख (एसआईआर) मोहन पवार, आईटी सेल के प्रदेश संयोजक सुनील पिल्लई और वैभव वैष्णव बैरागी ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गंभीर खामियों की ओर ध्यान दिलाया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दावा-आपत्ति केंद्रों में नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO) नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं। कई स्थानों पर न तो वे कार्यालय समय पर उपस्थित हो रहे हैं और न ही घर-घर जाकर प्राप्त दावा-आपत्तियों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदन बिना उचित जांच के निराधार रूप से खारिज किए जा रहे हैं। प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस लापरवाही के कारण पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ पा रहे हैं, वहीं अपात्र मतदाताओं के नाम भी सूची से नहीं हट पा रहे हैं। इससे पूरी एसआईआर प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं और मतदाता अपने अधिकारों से वंचित महसूस कर रहे हैं। फॉर्म भी उपलब्ध नहीं केंद्रों में ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई दावा-आपत्ति केंद्रों में फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 तक उपलब्ध नहीं हैं। इन फॉर्मों के अभाव में मतदाता न तो नाम जुड़वाने, न ही हटाने या संशोधन का दावा-आपत्ति कर पा रहे हैं। यह स्थिति निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है। कलेक्टर भी नहीं समाधान कर रहे शिकायतों का भाजपा नेताओं का कहना है कि जब इन खामियों को लेकर संबंधित ईआरओ या जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टरों) को अवगत कराया जाता है, तो वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। शिकायतों को गंभीरता से न लेने से मतदाता लगातार परेशान हो रहे हैं। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की है कि ईआरओ, जिला निर्वाचन अधिकारियों और बीएलओ को तत्काल स्पष्ट निर्देश जारी कर एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम बिना किसी बाधा के वोटर लिस्ट में जुड़ सकें और पूरी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे।

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