Mutual Fund SIP Calculator: कमाते हैं, खर्च करते हैं और महीने के आखिर में जेब खाली हो जाती है। यह कहानी आज के ज़्यादातर युवाओं की है। Gen-Z जल्दी नौकरी पर लग जाते हैं, 22-25 साल में अच्छी सैलरी आने लगती है, लेकिन बचत? वो दूर-दूर तक नहीं दिखती। 20-25 साल काम करने के बाद भी जब लोग कहते हैं कि “यार, कुछ बचाया ही नहीं” तो यह सुनकर दिल भारी हो जाता है। लेकिन एक फॉर्मूला है जो इस तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है। यह है 15x11x20 का फॉर्मूला।
क्या है 15x11x20 का फॉर्मूला
सुनने में उलझा हुआ लगता है। लेकिन है बेहद सरल। हर महीने 15,000 रुपये की SIP करें। हर साल मंथली एसआईपी की रकम को 11 फीसदी बढ़ाते जाएं और यह सिलसिला 20 साल तक जारी रखें। बस इतना ही करना है।
ऐसे बनेगा 3 करोड़ का फंड
म्यूचुअल फंड में 12 फीसदी सालाना औसत रिटर्न मिल जाता है। इस हिसाब से 20 साल बाद आपके पास 3,03,32,846 रुपये यानी तीन करोड़ से भी ज़्यादा की रकम होगी। इसमें आपकी अपनी जमा राशि 1,15,56,510 रुपये होगी। वहीं, ब्याज से कमाई 1,87,76,336 रुपये शामिल होगी। यानी जितना आपने लगाया उससे डेढ़ गुना से ज़्यादा सिर्फ ब्याज से आ जाएगा। यही कंपाउंडिंग की ताकत है।
| विवरण | राशि / जानकारी |
|---|---|
| शुरुआती मासिक SIP | ₹15,000 |
| हर साल SIP में बढ़ोतरी | 11% |
| निवेश अवधि | 20 साल |
| अनुमानित औसत सालाना रिटर्न | 12% |
| 20 साल बाद कुल फंड | ₹3,03,32,846 |
| कुल निवेश (अपनी जेब से) | ₹1,15,56,510 |
| अनुमानित ब्याज / रिटर्न से कमाई | ₹1,87,76,336 |
| कुल कमाई में कंपाउंडिंग का योगदान | निवेश से डेढ़ गुना से ज्यादा |
कंपाउंडिंग को हल्के में मत लीजिए
चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग वो चीज है, जिससे आपकी छोटी-छोटी बचत भी बहुत बड़ा फंड बन जाती है। इसमें आपके निवेश पर जो ब्याज मिलता है वो मूलधन में जुड़ जाता है। अगले साल उस बढ़ी हुई रकम पर ब्याज मिलता है। यह सिलसिला चलता रहता है और धीरे-धीरे एक छोटी रकम पहाड़ जितनी बड़ी हो जाती है। म्यूचुअल फंड SIP में यही होता है। आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा डालते हैं और बाज़ार की बढ़त के साथ कंपाउंडिंग काम करती रहती है।
11 फीसदी स्टेप-अप क्यों जरूरी है?
हर साल सैलरी बढ़ती है, तो SIP क्यों न बढ़े? अगर आज 15,000 रुपये की SIP है तो अगले साल 16,650 रुपये और उसके अगले साल 18,482 रुपये। यह बढ़ोतरी आपको महसूस भी नहीं होगी, लेकिन 20 साल में फर्क जमीन-आसमान का होगा। शुरुआत आज से करिए। 20 साल बाद खुद को शुक्रिया कहेंगे।


