1054 करोड़ की ठगी, सिंघार ने सरकार को घेरा:साइबर अपराध पर सरकार घिरी, चार साल में 1054 करोड़ ठगी का आरोप

1054 करोड़ की ठगी, सिंघार ने सरकार को घेरा:साइबर अपराध पर सरकार घिरी, चार साल में 1054 करोड़ ठगी का आरोप

प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण साइबर अपराधियों ने चार साल में 1054 करोड़ रुपये ठग लिए, लेकिन रोकथाम के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश साइबर अपराधियों के लिए “स्वर्ग” बनता जा रहा है। रोजाना सैकड़ों लोग फर्जी कॉल, मैसेज और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से ठगे जा रहे हैं, लेकिन अपराधियों को पकड़ने और सजा दिलाने में व्यवस्था कमजोर साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि 1 मई 2021 से 13 जुलाई 2025 के बीच राज्य में 1,054 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। यानी औसतन हर साल 263.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। इसके बावजूद राज्य में न तो साइबर फॉरेंसिक डिवीजन है और न ही पर्याप्त पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। सिंघार ने दावा किया कि संसद में दी गई जानकारी के अनुसार करीब 8 करोड़ की आबादी वाले मध्य प्रदेश में केवल एक साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन है। उन्होंने इसे बड़े राज्य के लिए अपर्याप्त बताते हुए कहा कि इससे अपराधियों को खुली छूट मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ठगी गई कुल राशि में से केवल 1.94 करोड़ रुपये ही बरामद हो सके, जो कुल रकम का महज 0.18 प्रतिशत है, जबकि 99.82 प्रतिशत राशि वापस नहीं मिल पाई। वहीं NCRB 2023 रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2021 से 2023 के बीच 2,100 साइबर अपराध दर्ज हुए, लेकिन केवल 191 मामलों में ही दोषसिद्धि हुई, यानी सजा दर करीब 9 प्रतिशत रही। अन्य राज्यों से तुलना करते हुए सिंघार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 75, महाराष्ट्र में 47, बिहार में 44, तमिलनाडु में 54 और केरल में 20 साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन हैं, जबकि मध्य प्रदेश में संख्या बेहद कम है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश उन दो राज्यों में शामिल है जहां साइबर फॉरेंसिक डिवीजन तक नहीं है। दूसरा राज्य सिक्किम है। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण आम नागरिक लगातार ठगी का शिकार हो रहे हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

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