पंजाबी सिंगर परमजीत कौर पम्मी और उसके भाई सरवन सिंह को पंजाब पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार-2 के दौरान नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस ने पंजाबी सिंगर व उसके भाई से आठ ग्राम हेरोइन बरामद की और फिर से जेल भेज दिया। बता दे कि कोविड से पहले परमजीत कौर पम्मी स्टेज प्रोग्राम करती थी। इससे पहले उसके कुछ गाने रिलीज भी हो चुके थे। काेविड के दौरान प्रोग्राम नहीं मिले तो पम्मी ने सिंगिंग के छोड़कर नशा तस्करी करनी शुरू कर दी। 2023 में माछीवाड़ा में एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हुई तो पुलिस ने पम्मी को नशा सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया। कुछ समय बाद पम्मी जेल से बाहर आई और फिर से अपने परिवार के साथ नशे के कारोबार में पूरी तरह शामिल हो गई। पम्मी लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब स्थित रहीमाबाद खुर्द की रहने वाली है। पंजाबी सिंगर से नशा तस्कर बनने की कहानी सिलसिलेवार जानिए… पम्मी का परिवार करता रहा नशा तस्करी: परमजीत कौर पम्मी पंजाबी सिंगर के तौर पर अपना करियर डेवलप कर रही थी। वहीं दूसरी तरफ उसका परिवार नशा तस्करी के धंधे में शामिल हो गया। पम्मी की मां व बहन पर नशा तस्करी के तीन-तीन मामले दर्ज हैं। वहीं पम्मी की बहन बेअंत कौर पर तो हत्या का मामला भी दर्ज हो चुका है। बहन व मां ने शुरू की नशा तस्करी: पम्मी की बहन बेअंत कौर ने परिवार में सबसे पहले नशा तस्करी का काम शुरू किया। उस समय पम्मी पूरी तरह से सिंगिंग की दुनियां में व्यस्त थी। बेअंत कौर और उसकी मां पर 17 अगस्त 2018 में पहला पर्चा दर्ज हुआ। दूसर पर्चा 28 फरवरी 2020 में दर्ज हुआ। कोविड में स्टेज प्रोग्राम हुए बंद: पम्मी ने बताया कि कोविड के दौरान स्टेज शो व अखाड़े लगने बंद हो गए। जिससे उसकी आमदनी पूरी तरह से बंद हो गई। परिवार पर डिपेंड थी तो बहन ने उसे भी नशा तस्करी करने को कहा। पम्मी व मां ने भी शुरू की नशा तस्करी: कोविड के दौरान पम्मी की बहन के साथ उसकी मां ने भी नशा तस्करी करनी शुरू कर दी। इसी बीच आर्थिक संकट से गुजर रही पम्मी भी मां व बहन के साथ नशा तस्करी करने लगी। बहन ने भी नशे से मारा था युवक: परमजीत कौर पम्मी की बहन बेअंत कौर ने कुछ समय पहले ही अपने घर में नशा देकर युवक को मौत के घाट उतार दिया था। बेअंत के घर जब टीका लगाने से युवक की मौत हुई थी तो शव घर के बाहर फेंक दिया था। पुलिस ने कत्ल केस में बेअंत कौर को गिरफ्तार किया था। बेअंत कौर के खिलाफ 19 जुलाई 2022 में हत्या का मामला दर्ज हुआ और वो गिरफ्तार हो गई। बहन की गिरफ्तारी के बाद संभाला कारोबार: माछीवाड़ी पुलिस का कहना है कि जब पम्मी की बहन जेल गए तो उसने नशा तस्करी के कारोबार को संभाला। मां के साथ मिलकर पम्मी नशा तस्करी करते रहे। ओवरडोज से युवक की मौत से पकड़ी गई पम्मी: माछीवाड़ा में 30 जुलाई 2023 को एक युवक की नशे की ओवरडोज के कारण मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच की तो कुलदीप नाम के युवक पर नशा देने के आरोप लगे। कुलदीप ने नशा पम्मी से लिया था। पुलिस ने तब पम्मी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया और पम्मी व कुलदीप को गिरफ्तार किया। जेल से छूटने के बाद फिर नशा बेचने लगी: कुछ महीने जेल में रहने के बाद पम्मी जमानत पर बाहर आई और उसने फिर से नशा तस्करी का काम शुरू कर दिया। पम्मी चिट्टा लेकर युवकों को देती और वो आगे सप्लाई करते थे। पम्मी ने अब भाई को किया कारोबार में शामिल: पम्मी ने नशे के कारोबार को अब पूरी तरह से अपने हाथ में ले लिया था। इस काम में अब उसने अपने भाई को भी शमिल कर दिया। सोमवार को प्रहार-2 के दौरान पुलिस ने माछीवाड़ा साहिब में कोहाड़ा रोड स्थित अडियाना बस स्टैंड के पास पम्मी व उसके भाई सरवन को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। जालंधर दूरदर्शन पर पम्मी का गीत हुआ था प्रसिद्ध
परमजीत पम्मी ने बताया कि उसका एक गाना ‘ कई दिन हो गए तेनु फोन मैं मिलौंदी ‘ जालंधर दूरदर्शन पर चलने के बाद वो काफी प्रसिद्ध हुआ था और उस के बाद एक गायक के साथ मिलकर उसने कई अखाड़े भी लगाए व उसी गायक के साथ एक धार्मिक एल्बम और कई पंजाबी गाने भी गाए। एल्बम कंपनी ने रिलीज नहीं की कोविड से पहले पम्मी ने एक धार्मिक एल्बम रिकार्ड की गई थी। एल्बम रिलीज होने से पहले कोविड शुरु हो गया और कंपनी ने वो एल्बम रिलीज नहीं की। जिसके कारण उसे भारी नुकसान झेलना पड़ा। प्यार में भी धोखा मिला तो नहीं की शादी
पम्मी ने बताया कि गायकी दौरान उसका एक युवक के साथ अफेयर भी चला था और वो युवक एक अच्छा दोस्त भी बन गया था परन्तु यह दोस्ती अधिक समय तक ना चली और एक वर्ष के बाद ही ब्रेकअप हो गया। माछीवाड़ा साहिब के थाना तक भी यह मामला पहुंच गया था और हमने आपसी सहमती से दूरियां बना ली थी। मैंने कभी विवाह भी नहीं किया। छोटी बहन लगाती थी चौंकी
पम्मी और बेअंत कौर से भी इनकी एक छोटी बहन भी है जो के घर में पीर बाबा की चौंकी लगाया करती थी। जिस कारण कई लोग उनके घर में माथा टेकने भी आते थे।


