सिंगापुर की एक अदालत ने असम के फेमस सिंगर जुबीन गर्ग की मौत पर फैसला सुनाया है। बुधवार को वहां की स्टेट कोरोनर कोर्ट ने पुलिस की जांच रिपोर्ट को सही ठहराते हुए कहा कि सिंगर की मौत एक दर्दनाक हादसा थी। इसमें किसी भी तरह की साजिश नहीं पाई गई है। पिछले साल सितंबर में एक आइलैंड के पास जुबीन की डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी और परिवार ने जांच पर सवाल उठाए थे। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 52 साल के जुबीन गर्ग घटना के समय भारी नशे में थे। उनकी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ब्लड अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी सीमा (80 मिलीग्राम) से चार गुना से भी ज्यादा थी। नशे की वजह से डूबे जुबीन कोरोनर ने कहा कि इतने नशे की वजह से वे सही फैसला नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने पहले तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन पहली बार तैरने के बाद उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो कैप्टन और दूसरे साथियों के टोकने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से साफ मना कर दिया था। पत्नी के आरोपों को कोर्ट ने किया खारिज जुबीन की पत्नी ने शक जताया था कि सिंगर को पानी में धक्का दिया गया होगा। इस पर कोरोनर नाखोडा ने साफ किया कि पुलिस ने बहुत बारीकी से जांच की है। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि किसी ने उन्हें मजबूर किया या धक्का दिया। यहां तक कि उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले लोगों ने भी पूरी जान लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जुबीन अपनी मर्जी से तैरने के लिए पानी में उतरे थे और डूबने के दौरान किसी ने भी उनका चेहरा जानबूझकर पानी के नीचे नहीं दबाया था। पिछले साल सितंबर में मौत हुई थी यह घटना 19 सितंबर 2025 की है। जुबीन गर्ग सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच 60 साल के कूटनीतिक रिश्तों के जश्न में शामिल होने गए थे। उन्हें वहां ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में परफॉर्म करना था। वे असम और पूरे उत्तर-पूर्व भारत के सबसे चहेते गायकों में से एक थे। सिंगर की मौत की खबर मिलते ही उस बड़े आयोजन को रद्द कर दिया गया था। जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। भारत में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामला दूसरी तरफ गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ये नियुक्ति की है। असम पुलिस की CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की और स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। असम के तिनसुकिया में जन्मे, अभिनेता और निर्देशक रहे जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे असमिया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता और निर्देशक रहे। उन्होंने असमिया, हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी में गाना गाए। इसके अलावा सिंगर ने बिष्णुप्रिया मणिपुरी, आदि, बोरो, अंग्रेजी, गोलपारिया, कन्नड़, कार्बी, खासी, मलयालम, मराठी, मिसिंग, नेपाली, उड़िया, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, तिवा सहित 40 भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाना गए। जुबीन असम के हाईएस्ट पेड सिंगर थे। ——————————- ये खबर भी पढ़ें जुबीन गर्ग केस की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई:बक्सा जिला जज अध्यक्षता करेंगी, हर दिन सुना जाएगा मामला
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। पूरी खबर पढ़ें
सिंगापुर कोर्ट बोला- जुबीन गर्ग की मौत डूबने से हुई:सिंगर की मौत मर्डर नहीं; शराब के नशे में डूबे थे, लाइफ जैकेट पहनने से मना किया


