मधुबनी पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी SIM BOX डिवाइस का उपयोग कर एक समानांतर अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजनगर राजपूताना टोल के मंदिप सिंह, लहेरियागंज के मो. अहसान व विकास कुमार तथा शिवीपट्टी के रौशन कुमार कामती के रूप में हुई है। साइबर अपराधी SIM BOX डिवाइस के जरिए अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉयस कॉल में बदलकर पूरे देश में बड़े पैमाने पर साइबर अपराधों को अंजाम दे रहे थे। मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने गुरुवार शाम छह बजे एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गंभीर कृत्यों की सूचना के सत्यापन और आगे की कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर नगर थाना क्षेत्र की तिरहुत कॉलोनी स्थित संदिग्ध मंदीप कुमार के घर की घेराबंदी की। छापेमारी के दौरान, टीम को मंदीप के कमरे में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू हालत में मिले। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर मंदीप कुमार ने बताया कि उसके पास 07 सिम बॉक्स थे। उसने यह भी बताया कि रौशन कुमार कामती सिम की आपूर्ति में सहयोग करता था, जिसके लिए उसे प्रति सिम 800 रुपये का भुगतान किया जाता था। पुराने सिम बंद होने पर उन्हें जला दिया जाता था। मंदीप ने खुलासा किया कि सिम बॉक्स का संचालन उसके लैपटॉप से चीन के लोगों द्वारा किया जाता था। पुलिस ने सभी बरामद सामानों को विधिवत जब्त कर गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 20 स्लॉट वाले 07 SIM BOX, VI, Airtel और Jio के खाली SIM के कई रैपर, 18 मोबाइल फोन, 05 TP-Link इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 02 Airtel Xstream Fiber राउटर, 01 ट्रॉली बैग, 1 लाख 68 हजार रुपये नकद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, एटीएम/आधार कार्ड/पैन कार्ड जब्त किए। मधुबनी पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी SIM BOX डिवाइस का उपयोग कर एक समानांतर अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजनगर राजपूताना टोल के मंदिप सिंह, लहेरियागंज के मो. अहसान व विकास कुमार तथा शिवीपट्टी के रौशन कुमार कामती के रूप में हुई है। साइबर अपराधी SIM BOX डिवाइस के जरिए अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉयस कॉल में बदलकर पूरे देश में बड़े पैमाने पर साइबर अपराधों को अंजाम दे रहे थे। मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने गुरुवार शाम छह बजे एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गंभीर कृत्यों की सूचना के सत्यापन और आगे की कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर नगर थाना क्षेत्र की तिरहुत कॉलोनी स्थित संदिग्ध मंदीप कुमार के घर की घेराबंदी की। छापेमारी के दौरान, टीम को मंदीप के कमरे में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू हालत में मिले। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर मंदीप कुमार ने बताया कि उसके पास 07 सिम बॉक्स थे। उसने यह भी बताया कि रौशन कुमार कामती सिम की आपूर्ति में सहयोग करता था, जिसके लिए उसे प्रति सिम 800 रुपये का भुगतान किया जाता था। पुराने सिम बंद होने पर उन्हें जला दिया जाता था। मंदीप ने खुलासा किया कि सिम बॉक्स का संचालन उसके लैपटॉप से चीन के लोगों द्वारा किया जाता था। पुलिस ने सभी बरामद सामानों को विधिवत जब्त कर गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 20 स्लॉट वाले 07 SIM BOX, VI, Airtel और Jio के खाली SIM के कई रैपर, 18 मोबाइल फोन, 05 TP-Link इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 02 Airtel Xstream Fiber राउटर, 01 ट्रॉली बैग, 1 लाख 68 हजार रुपये नकद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, एटीएम/आधार कार्ड/पैन कार्ड जब्त किए।


