Silent Heart Attack: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक दुखद घटना सामने आई। काचेगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस में सफर कर रहीं उषा चौहान, जो एक अतिरिक्त जिला जज की पत्नी थीं, ट्रेन के वॉशरूम में बेहोश मिलीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई। मौत की असली वजह मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी।
क्या होता है साइलेंट हार्ट अटैक?
Silent heart attack वह स्थिति है, जिसमें दिल का दौरा पड़ता तो है, लेकिन सामान्य हार्ट अटैक जैसे तेज सीने के दर्द या अचानक गिर जाने जैसे लक्षण साफ नजर नहीं आते। कई बार मरीज को हल्की घबराहट, पसीना, कमजोरी, उलझन या हल्का दर्द महसूस होता है, जिसे लोग आम थकान या गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसी वजह से साइलेंट हार्ट अटैक ज्यादा खतरनाक माना जाता है, क्योंकि मरीज को समय पर पता ही नहीं चलता कि दिल पर गंभीर असर पड़ रहा है।
यात्रा के दौरान क्यों बढ़ सकता है जोखिम?
लंबी यात्रा, खासकर ट्रेन या बस में, कई बार शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है। लगातार बैठे रहने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो सकता है। डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो सकती है। तनाव या भीड़भाड़ से घबराहट बढ़ सकती है। पहले से मौजूद ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी बीमारी जोखिम बढ़ा सकती है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, हाई बीपी, शुगर या मोटापा है, तो ऐसे हालात में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा और बढ़ सकता है।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
साइलेंट हार्ट अटैक में ये संकेत दिख सकते हैं:
- अचानक अत्यधिक कमजोरी
- ठंडा पसीना
- सांस लेने में हल्की तकलीफ
- जी मिचलाना
- कंधे, गर्दन या जबड़े में असहजता
- चक्कर आना
महिलाओं में कई बार लक्षण अलग और हल्के होते हैं, इसलिए वे इसे गंभीरता से नहीं लेतीं।
कैसे रखें दिल का ध्यान?
- सफर के दौरान नियमित पानी पीते रहें
- हर 1-2 घंटे में थोड़ा चलने की कोशिश करें
- अगर पहले से दिल की बीमारी है तो दवाएं समय पर लें
- सीने में अजीब दबाव या असहजता हो तो तुरंत मदद लें
- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, खासकर 40 साल के बाद


