सिक्किम की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीती:रूस के फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डेब्यू फिल्म बनी; डायरेक्टर ने अवॉर्ड राज्य को डेडिकेट किए

सिक्किम की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीती:रूस के फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डेब्यू फिल्म बनी; डायरेक्टर ने अवॉर्ड राज्य को डेडिकेट किए

सिक्किम की नेपाली भाषा की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ ने दो इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते हैं। रूस के खांटी-मानसीस्क में आयोजित ‘स्पिरिट ऑफ फायर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में इस फिल्म को बेस्ट इंटरनेशनल डेब्यू फिल्म के लिए ‘सिल्वर टैगा अवॉर्ड’ मिला है। इसके साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने के लिए फिल्म को ‘सोल ऑफ रशिया – वर्ल्ड सिनेमा स्पेशल प्राइज’ अवॉर्ड दिया गया है। इस फिल्म का निर्देशन त्रिबेनी राय ने किया है। डायरेक्टर सिक्किम को समर्पित की जीत अवॉर्ड लेते समय डायरेक्टर त्रिबेनी राय काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी इस सफलता को सिक्किम राज्य को समर्पित किया है। त्रिबेनी ने बताया कि यह अवॉर्ड उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी मां इस फिल्म की प्रोड्यूसर हैं और उन्होंने अपनी मां के साथ स्टेज पर यह सम्मान हासिल किया। रूस के फिल्म फेस्टिवल से मिली पहचान ‘शेप ऑफ मोमो’ को इस फिल्म फेस्टिवल के इंटरनेशनल डेब्यू कॉम्पिटिशन में शामिल किया गया था। 16 मार्च को हुए अवॉर्ड समारोह में फिल्म की काफी तारीफ हुई। यह फिल्म सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत की कहानियों को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर ले जाने में सफल रही है। इस फेस्टिवल की शुरुआत साल 2003 में हुई थी और इसे दुनियाभर के नए फिल्ममेकर्स के लिए रूस का सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। अब एम्स्टर्डम में होगी फिल्म की स्क्रीनिंग रूस में जीत के बाद अब ‘शेप ऑफ मोमो’ का सफर और आगे बढ़ेगा। अप्रैल में यह फिल्म नीदरलैंड के ‘सिनेमा एशिया फिल्म फेस्टिवल’ में अपनी डच प्रीमियर के लिए एम्स्टर्डम जाएगी। इससे पहले इस फिल्म का यूरोपियन प्रीमियर स्पेन के ‘सैन सेबेस्टियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में हो चुका है। इंटरनेशनल सर्किट में सराहना मिलने के बाद अब मेकर्स इसे भारत में रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। इसकी शुरुआत गंगटोक में एक बड़े प्रीमियर के साथ होगी। कौन हैं डायरेक्टर त्रिबेनी राय? ईस्ट सिक्किम की रहने वाली त्रिबेनी राय का रूस से पुराना नाता है। साल 2016 में उन्होंने रूस के प्रतिष्ठित VGIK इंटरनेशनल समर स्कूल में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई थी। त्रिबेनी की फिल्म ‘शेप ऑफ मोमो’ न केवल एक कहानी है, बल्कि यह सिक्किम की संस्कृति और वहां के पारंपरिक मूल्यों को भी बखूबी दर्शाती है।

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