पाकिस्तान क्रिकेट लीग लगातार नकारात्मक वजहों से चर्चा में है। बॉल टैंपरिंग का मुद्दा अभी शांत ही नहीं हुआ था कि होटल की सुरक्षा में सेंध का मामला चर्चा में है। दोनों ही मामलों में लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी कॉमन हैं। शाहीन और उनके साथ खिलाड़ी सिकंदर रजा पर आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों के मना करने के बाद भी वे रात के समय होटल रुम में 4 अनधिकृत लोगों को जबरन लेकर गए। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इसके लिए शाहीन शाह अफरीदी पर 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बीच सिकंदर रजा ने अफरीदी का बचाव किया है।
जिम्बाब्वे के क्रिकेटर सिकंदर रजा पाकिस्तानी मूल के हैं। वह पीएसएल में लाहौर कलंदर्स की टीम का हिस्सा हैं। पंजाब पुलिस की तरफ से पीएसएल के सीईओ सलमान नसीर के लिखे गए खत में सिकंदर रजा और शाहीन अफरीदी पर होटल के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
सिकंदर रजा ने आरोपों को खारीज करते हुए सफाई दी है कि जो 4 मेहमान होटल आए थे वे लंबे समय से उनके दोस्त और फैमिली मेंबर हैं। ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत में रजा ने शाहीन शाह अफरीदी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ही उनसे रिक्वेस्ट किया था कि उनके दोस्तों को अंदर लाने में मदद करें। उनके अनुसार शाहीन ने तो बस उनकी गुजारिश सुनी और अपने मन से ये काम नहीं किया।
सिकंदर रजा ने कहा कि, मेरे दोस्त औऱ परिवार आए थे और मेरे अनुरोध पर शाहीन ने उनकी मदद की। अगर ये सब स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर हैं तो मुजे इसकी जानकारी नहीं थी। और कुछ हद तक शाहीन भी इस चीज से वाकिफ नहीं थे। यहां दोषी तो मैं हूं शाहीन नहीं। वह मेरे अनुरोध पर नीचे आए थे क्योंकि वहां मेरी क्लोज फैमिली और फ्रेंड थे। मैं उनसे बिजनेस सेंटर में नहीं मिलना चाहता था। हम ऊपरी मंजिल पर 40 मिनट तक बैठे थे।


