भारतीय खान ब्यूरो के महानियंत्रक से खान मालिकों की वार्ता रही सकारात्मक
क्वाट्ज़, फेल्सपार, बेराइट्स और माइका (अभ्रक) को अप्रधान (माइनर) से प्रधान (मेजर) खनिज में शामिल किए जाने के बाद से परेशान प्रदेश के खान मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय खान ब्यूरो ने खदान संचालकों की तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नियमों के सरलीकरण का आश्वासन दिया है। अब छोटी और निम्न गुणवत्ता वाली औद्योगिक श्रेणी की खदानों को ड्रोन सर्वे और स्टार रेटिंग जैसी जटिल प्रक्रियाओं से मुक्त रखने की तैयारी है। अजमेर में स्थित भारतीय खान ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालय में बैठक हुई। इसमें आईबीएम नागपुर के महानियंत्रक पंकज कुलश्रेष्ठ, उत्तर क्षेत्र उदयपुर के खान नियंत्रक अभय अग्रवाल और अजमेर के क्षेत्रीय खान नियंत्रक चन्द्रेश बोहरा की अध्यक्षता में खान मालिकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
इन प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति और मिला आश्वासन
दी राजपुताना माईन ऑनर्स एण्ड मिनरल मर्चेन्ट्स ऐसोसियेशन के अध्यक्ष राधावल्लभ माहेश्वरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर खान ब्यूरो के अधिकारियों ने नियमों को सरल कर खान मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया है। इसमें माइनिंग प्लान में सरलीकरण को लेकर आवेदन फॉर्म और अनुपालन रिपोर्ट की जटिलताओं को कम किया जाएगा। खनिज विभाग की ओर से पूर्व में स्वीकृत माइनिंग प्लान उनकी निर्धारित अवधि तक मान्य रहेंगे। वर्तमान में राज्य सरकार के पास जमा वित्तीय आश्वासन राशि को ही पर्याप्त माना जाएगा। राज्य में तकनीकी कर्मचारियों की कमी को देखते हुए क्लस्टर (समूह) में उनकी नियुक्ति की स्वीकृति दी जाएगी। क्वाट्ज़ और फेल्सपार की छोटी खदानों को ड्रोन सर्वे और स्टार रेटिंग के नियमों से मुक्त रखा जाएगा। नियमों की पालना रिपोर्ट भेजने में होने वाली देरी पर वर्तमान पेनल्टी दरों को कम किया जाएगा।
डीएमएफटी रॉयल्टी का मुद्दा भी सुलझने की उम्मीद
बैठक में 12 जनवरी 2015 से पहले के खनन पट्टों पर 30 प्रतिशत और इसके बाद के पट्टों पर 10 प्रतिशत डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) लिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। आईबीएम अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि रॉयल्टी की इस विसंगति को केंद्र सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा ताकि पुराने खनन पट्टे सुचारू रूप से चलते रहें।
बिना सुनवाई न जारी हों नए आदेश
ऐसोसियेशन के अध्यक्ष राधावल्लभ माहेश्वरी ने आईबीएम के महानियंत्रक से मांग की कि इन सभी समाधानों का पत्र शीघ्र खान मंत्रालय को भिजवाया जाए। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में कोई भी नया आदेश जारी करने से पहले खान मालिकों को सुनवाई का एक मौका अवश्य दिया जाए। बैठक में ओम भंसाली, मुकेश सेठी, सुरेश चौहान, विक्रम कविया, मानवेन्द्र कुमावत, फैजल अहमद और कैलाश काबरा सहित कई प्रमुख खनन व्यवसायी मौजूद रहे।


