बजट में उदयपुर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री करने की घोषणा तो हो गई, लेकिन पुलिस-प्रशासन की तैयारी अभी बाकी है। पहले उदयपुर विकास प्रन्यास (यूडीए) और नगर निगम अपने क्षेत्रों के चौराहों की स्टडी करेंगे। इसमें रोज निकलने वाले वाहनों की संख्या, सुबह से शाम तक ट्रैफिक दबाव, जाम की समस्या और संभावित समाधान शामिल होंगे। अधिक दबाव वाले चौराहों पर फ्लाईओवर या अंडरपास की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। बजट स्वीकृति के बाद ही काम शुरू होगा, इसलिए पूरी योजना के लागू होने में समय लगेगा। शहर को सिग्नल फ्री करने का मकसद है कि चौराहों-तिराहों पर वाहन बिना रुके गुजरें और जाम कम हो। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 7 चौराहों- प्रतापनगर, ठोकर, सूरजपोल, उदियापोल, कोर्ट सर्किल, शास्त्री सर्किल और पारस तिराहा पर ट्रैफिक सिग्नल बंद हैं। वाहन बिना रोक-टोक निकल रहे हैं। वहीं, देहलीगेट, दुर्गा नर्सरी, फतेहपुरा और चेतक सर्किल पर सिग्नल चालू हैं, वाहन तय समय के बाद ही निकल पा रहे हैं। फ्लाईओवर या अंडरपास की रिपोर्ट सरकार को भेजेंगे 10 लाख से ज्यादा वाहन: परिवहन विभाग के अनुसार उदयपुर में कुल 10,06,519 वाहन हैं। टूरिस्ट सीजन में वाहन 15% तक बढ़ जाते हैं। प्रति माह लगभग 1.5 लाख पर्यटक शहर में आते हैं। इससे पुलिस-प्रशासन लंबे समय से ट्रैफिक सुधार में लगा हुआ है, लेकिन सफलता सीमित रही। पर्यटक, वीकेंड और भर्ती परीक्षाओं के समय शहर में जाम की स्थिति चरम पर रहती है। बंद सिग्नल वाले चौराहों की स्थिति प्रतापनगर : शहर, जयपुर, गुजरात व नाथद्वारा से आने-जाने वाले वाहन; फ्लाईओवर जाम नहीं घटा पाया। रोज 20 हजार भारी, 35-40 हजार अन्य वाहन। ठोकर: प्रतापनगर, आयड़, मादड़ी और सूरजपोल से वाहन; दिनभर जाम। वीआईपी मूवमेंट में भारी जाम। रोज 30 हजार वाहन। सूरजपोल: शहर का केंद्र, वाहन धीमी गति से निकलते हैं; एलिवेटेड निर्माण के चलते ट्रैफिक दबाव। रोज 35 हजार वाहन। उदियापोल: बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास, एलिवेटेड निर्माण से जाम; रोज 49 हजार वाहन। कोर्ट चौराहा: कोर्ट परिसर के पास, देहलीगेट, चेतक, शास्त्री सर्किल और कलेक्टर आवास मार्ग से आवाजाही ज्यादा; रोज 45 हजार वाहन। शास्त्री सर्किल: बड़ा फैला हुआ चौराहा, बड़े इवेंट में जाम; रोज 30-35 हजार वाहन। पारस तिराहा: गुजरात मुख्य मार्ग, फ्लाईओवर और अंडरपास बन रहा; निर्माण पूरा होने पर जाम से मुक्ति। चालू सिग्नल वाले चौराहे देहलीगेट: कई बार सिग्नल शुरू-बंद करने के प्रयोग; अंत में चालू किया। बापूबाजार, टाउनहॉल रोड, अश्विनी बाजार और कोर्ट सर्किल से वाहन गुजरते हैं। निर्माणाधीन एलिवेटेड से ट्रैफिक दबाव कम होगा। रोज 50 हजार वाहन। दुर्गा नर्सरी: हाल ही में रोड चौड़ा; सुबह-शाम जाम। लेकसिटी मॉल और शिक्षण संस्थाओं के कारण भी भीड़। बजट के अनुसार आयड़ पुलिया चौड़ी होगी। रोज 20-30 हजार वाहन। फतहपुरा सर्कल: एआई कंट्रोल ट्रायल पूरा, प्रशासन ने अभी शुरू नहीं किया; सुबह-शाम मामूली जाम। रोज 40-50 हजार वाहन। चेतक सर्किल: जाम कम, बड़े इवेंट में कभी-कभार जाम। रोज 50 हजार वाहन।


