औरंगाबाद में गाड़ी रिलीज करने के नाम पर एक शख्स से रिश्वत लेने वाले दरोगा को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। एसआई की ओर से रिश्वत लिए जाने का वीडियो सामने आया था, जिसके बाद एसपी ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी को निलंबित कर दिया। मामले को लेकर औरंगाबाद पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वायरल वीडियो की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिस पदाधिकारी हसपुरा थाना में वर्ष 2023 के नवंबर माह के दौरान पदस्थापित रहे एसआई अवजीत कुमार हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग बारुण थाना में है। मंगलवार को पुलिस की सोशल मीडिया टीम को मिला था वीडियो पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि औरंगाबाद पुलिस की सोशल मीडिया टीम को मंगलवार को यह वीडियो प्राप्त हुआ था, जो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में एक पुलिस पदाधिकारी को एक व्यक्ति से दुर्घटनाग्रस्त वाहन छोड़ने के एवज में पैसे मांगते हुए देखा और सुना जा सकता है। वायरल वीडियो में बातचीत के दौरान पुलिस पदाधिकारी की ओर से 20 हजार रुपये की मांग करने की बात भी सामने आई है। वीडियो में एसआई अवजीत कुमार यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर के लिए 20 हजार रुपए लिए गए हैं और अन्य वाहनों के लिए भी लगभग यही चार्ज लगता है। इस पर सामने वाला व्यक्ति कहता है कि वह मामला बालू का था, जबकि उसका मामला एक्सीडेंट का है। इस पर पुलिस पदाधिकारी जवाब देते हैं कि सबका एक ही रेट लगता है। इस बातचीत के आधार पर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि थानों में वाहन छोड़ने के लिए तय दर पर पैसे लिए जाते हैं। मुख्यालय डीएसपी को दिया गया था जांच का जिम्मा वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-01) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अवजीत कुमार को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। औरंगाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन के खिलाफ किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाले ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की शिकायत या सूचना होने पर उसे संबंधित अधिकारियों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। औरंगाबाद में गाड़ी रिलीज करने के नाम पर एक शख्स से रिश्वत लेने वाले दरोगा को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। एसआई की ओर से रिश्वत लिए जाने का वीडियो सामने आया था, जिसके बाद एसपी ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी को निलंबित कर दिया। मामले को लेकर औरंगाबाद पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वायरल वीडियो की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिस पदाधिकारी हसपुरा थाना में वर्ष 2023 के नवंबर माह के दौरान पदस्थापित रहे एसआई अवजीत कुमार हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग बारुण थाना में है। मंगलवार को पुलिस की सोशल मीडिया टीम को मिला था वीडियो पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि औरंगाबाद पुलिस की सोशल मीडिया टीम को मंगलवार को यह वीडियो प्राप्त हुआ था, जो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में एक पुलिस पदाधिकारी को एक व्यक्ति से दुर्घटनाग्रस्त वाहन छोड़ने के एवज में पैसे मांगते हुए देखा और सुना जा सकता है। वायरल वीडियो में बातचीत के दौरान पुलिस पदाधिकारी की ओर से 20 हजार रुपये की मांग करने की बात भी सामने आई है। वीडियो में एसआई अवजीत कुमार यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर के लिए 20 हजार रुपए लिए गए हैं और अन्य वाहनों के लिए भी लगभग यही चार्ज लगता है। इस पर सामने वाला व्यक्ति कहता है कि वह मामला बालू का था, जबकि उसका मामला एक्सीडेंट का है। इस पर पुलिस पदाधिकारी जवाब देते हैं कि सबका एक ही रेट लगता है। इस बातचीत के आधार पर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि थानों में वाहन छोड़ने के लिए तय दर पर पैसे लिए जाते हैं। मुख्यालय डीएसपी को दिया गया था जांच का जिम्मा वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-01) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अवजीत कुमार को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। औरंगाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन के खिलाफ किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाले ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की शिकायत या सूचना होने पर उसे संबंधित अधिकारियों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।


