खगड़िया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत बिहार के खगड़िया समेत कई जिलों में राशन की मात्रा और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं को निर्धारित 5 किलोग्राम के बजाय 4 किलोग्राम राशन मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। इस गंभीर मुद्दे को खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने लोकसभा में उठाया है। लाभार्थियों को मानक के अनुरूप राशन नहीं सांसद राजेश वर्मा ने बताया कि जब वे आम जनता के बीच पहुंचे, तो उन्हें शिकायतें मिलीं कि लाभार्थियों को सरकार के मानक के अनुरूप राशन नहीं मिल रहा है। उन्होंने डीलरों से इस संबंध में समीक्षा की, जिसमें पता चला कि उन्हें गोदाम से ही कम मात्रा में अनाज प्राप्त हो रहा है। सांसद ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना देश की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसके तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि खगड़िया सहित बिहार के कई जिलों में उपभोक्ताओं को 5 किलोग्राम अनाज मिलना चाहिए, लेकिन खुला अनाज मिलने के कारण कहीं 4 किलो तो कहीं 5 किलो राशन मिल रहा है। साथ ही, कई जगहों पर गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। पांच किलोग्राम का पैकेट गोदाम से डीलरों तक पहुंचाएं बिचौलियों की भूमिका को खत्म करने के उद्देश्य से सांसद वर्मा ने सुझाव दिया कि राशन का पांच किलोग्राम का पैकेट सीधे भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम से डीलरों तक पहुंचाया जाए। इससे सभी लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण अनाज मिल सकेगा। खगड़िया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत बिहार के खगड़िया समेत कई जिलों में राशन की मात्रा और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं को निर्धारित 5 किलोग्राम के बजाय 4 किलोग्राम राशन मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। इस गंभीर मुद्दे को खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने लोकसभा में उठाया है। लाभार्थियों को मानक के अनुरूप राशन नहीं सांसद राजेश वर्मा ने बताया कि जब वे आम जनता के बीच पहुंचे, तो उन्हें शिकायतें मिलीं कि लाभार्थियों को सरकार के मानक के अनुरूप राशन नहीं मिल रहा है। उन्होंने डीलरों से इस संबंध में समीक्षा की, जिसमें पता चला कि उन्हें गोदाम से ही कम मात्रा में अनाज प्राप्त हो रहा है। सांसद ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना देश की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसके तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि खगड़िया सहित बिहार के कई जिलों में उपभोक्ताओं को 5 किलोग्राम अनाज मिलना चाहिए, लेकिन खुला अनाज मिलने के कारण कहीं 4 किलो तो कहीं 5 किलो राशन मिल रहा है। साथ ही, कई जगहों पर गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। पांच किलोग्राम का पैकेट गोदाम से डीलरों तक पहुंचाएं बिचौलियों की भूमिका को खत्म करने के उद्देश्य से सांसद वर्मा ने सुझाव दिया कि राशन का पांच किलोग्राम का पैकेट सीधे भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम से डीलरों तक पहुंचाया जाए। इससे सभी लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण अनाज मिल सकेगा।


