मेरठ में एलपीजी गैस की किल्लत, लंबी कतारें:उपभोक्ता घंटों इंतजार को मजबूर, प्रशासनिक दावे बेअसर

मेरठ में एलपीजी गैस की किल्लत, लंबी कतारें:उपभोक्ता घंटों इंतजार को मजबूर, प्रशासनिक दावे बेअसर

मेरठ में एलपीजी गैस की किल्लत से आम लोग परेशान हैं। शहर और देहात दोनों जगह गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है। उपभोक्ता घंटों इंतजार के बाद भी कई बार खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। रविवार को नौचंदी ग्राउंड में गैस की लाइन में खड़े उपभोक्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की जनता को हर आवश्यक वस्तु के लिए कतारों में लगना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने नोटबंदी के दौरान नोट बदलने के लिए लगी लंबी कतारों का जिक्र करते हुए कहा कि अब खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर लेने हेतु भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। उनका मानना था कि इससे लोगों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, जिसका असर परिवार और बच्चों के भविष्य पर भी पड़ सकता है। टीपीनगर निवासी अजय कुमार गुप्ता ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उनका गैस कनेक्शन हापुड़ रोड स्थित रमन गैस एजेंसी पर है। उन्हें गैस लेने के लिए लगभग पांच किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने के बाद से गैस की किल्लत में वृद्धि हुई है। गुप्ता कई दिनों से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है। अहमदनगर निवासी सलीम ने बताया कि वह पिछले दस दिनों से लगातार गैस के लिए कतार में खड़े हो रहे हैं। वे हर सुबह उम्मीद के साथ एजेंसी पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें हर बार निराशा ही मिलती है। रविवार को केवल कुछ ही सिलेंडर एक पिकअप में पहुंचे, जबकि हजारों लोग लाइन में थे। रमजान के महीने में गैस न मिलने के कारण उनके परिवार को खाना बनाने में काफी कठिनाई हो रही है। माधवपुरम निवासी सुनील का कहना है कि प्रशासन भले ही गैस की पर्याप्त आपूर्ति के दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने बताया कि गैस मिलना अब किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं रह गया है। वह रोज दूर से आकर लाइन में लगते हैं, लेकिन कई बार नंबर आने से पहले ही सिलेंडर खत्म हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी करीब 500 से ज्यादा लोग लाइन में खड़े थे और उनका नंबर आने की उम्मीद बेहद कम थी। शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल है। किशोर, मवाना, हस्तिनापुर और सरधना समेत कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह पांच बजे से ही लोगों की भीड़ लग रही है। घंटों इंतजार के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। गैस की लगातार बनी इस किल्लत ने आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कर इस समस्या का समाधान करेगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *