सीतामढ़ी के बाजपट्टी प्रखंड मुख्यालय स्थित एक गैस एजेंसी पर घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को सुबह से सिलेंडर लेने पहुंचे सैकड़ों लोगों ने घंटों इंतजार के बाद गैस न मिलने पर एजेंसी के बाहर हंगामा और नारेबाजी की। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और एजेंसी का कामकाज भी प्रभावित रहा। भीषण गर्मी और धूप के बावजूद आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों उपभोक्ता सुबह से ही एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े थे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया जाता है। घंटों इंतजार के बाद जब लोगों को सिलेंडर नहीं मिला तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। सरकारी दर से 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे आक्रोशित उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी प्रबंधन पर मनमानी और अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी के कर्मचारी निर्धारित सरकारी दर से 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। जो उपभोक्ता अतिरिक्त पैसे देने से इनकार करते हैं, उन्हें सिलेंडर नहीं होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। ”आम उपभोक्ताओं को गैस नहीं दी जा रही” लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आम उपभोक्ताओं को गैस नहीं दी जा रही है, जबकि एजेंसी के पिछले दरवाजे से अधिक दाम लेकर व्यवसायियों और कालाबाजारियों को सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उनसे अधिक पैसे लिए जाते हैं, लेकिन रसीद में कम कीमत दर्ज की जाती है। हंगामे के कारण कुछ देर के लिए एजेंसी के आसपास आवागमन भी प्रभावित रहा। वहीं, उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम लोगों को समय पर उचित दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके। सीतामढ़ी के बाजपट्टी प्रखंड मुख्यालय स्थित एक गैस एजेंसी पर घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को सुबह से सिलेंडर लेने पहुंचे सैकड़ों लोगों ने घंटों इंतजार के बाद गैस न मिलने पर एजेंसी के बाहर हंगामा और नारेबाजी की। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और एजेंसी का कामकाज भी प्रभावित रहा। भीषण गर्मी और धूप के बावजूद आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों उपभोक्ता सुबह से ही एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े थे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया जाता है। घंटों इंतजार के बाद जब लोगों को सिलेंडर नहीं मिला तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। सरकारी दर से 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे आक्रोशित उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी प्रबंधन पर मनमानी और अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी के कर्मचारी निर्धारित सरकारी दर से 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं। जो उपभोक्ता अतिरिक्त पैसे देने से इनकार करते हैं, उन्हें सिलेंडर नहीं होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। ”आम उपभोक्ताओं को गैस नहीं दी जा रही” लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आम उपभोक्ताओं को गैस नहीं दी जा रही है, जबकि एजेंसी के पिछले दरवाजे से अधिक दाम लेकर व्यवसायियों और कालाबाजारियों को सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उनसे अधिक पैसे लिए जाते हैं, लेकिन रसीद में कम कीमत दर्ज की जाती है। हंगामे के कारण कुछ देर के लिए एजेंसी के आसपास आवागमन भी प्रभावित रहा। वहीं, उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम लोगों को समय पर उचित दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके।


