दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं की नजर आज से शुरू होने वाले 20वें अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक पाठ समारोह पर टिकी है। 2 दिसंबर से 12 दिसंबर तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के लिए बोधगया पूरी तरह तैयार हो गया है। विदेशी मेहमानों की लगातार बढ़ती आमद और संभावित वीवीआईपी मूवमेंट के मद्देनज़र प्रशासन ने पूरे शहर को हाई अलर्ट मोड पर डाल दिया है। आज सुबह 7 बजे कार्यक्रम की शुरुआत शोभायात्रा से होगी। यह जुलूस ऑल इंडिया भिक्षु संघ मोनेस्ट्री से आगे बढ़ेगा। थाई मंदिर से होते हुए महाबोधि मंदिर परिसर और फिर कालचक्र मैदान तक रहेगा।इस शोभा यात्रा में 27 देशों से आए बौद्ध भिक्षु और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। बोधगया की सड़कों पर सुबह से ही अंतरराष्ट्रीय रंग दिखने लगा है। दोपहर 2 बजे पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे उद्घाटन समारोह होगा। उद्घाटन भारत सरकार के यूनियन कल्चर एंड टूरिज्म मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। 12 दिसंबर तक चलने वाले आयोजन अवधि में किसी भी दिन अरुणाचल के मुख्यमंत्री पहुंचने की संभावना बनी हुई है। ADM की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा, पूरा शहर कड़ी निगरानी में समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीटीएमसी सभागार में ADM की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक पूरी कर ली गई। पुलिस, प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं हैं। बोधगया में इस दौरान सुरक्षा घेरा सबसे मजबूत स्तर पर रहेगा। महाबोधि मंदिर से कालचक्र मैदान तक विशेष फोर्स की तैनाती की गई है। मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग है। सिर्फ पासधारी को ही प्रवेश दिया जाएगा। अब तक 20,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। रजिस्ट्रेशन अब भी जारी है। विभिन्न देशों से भिक्षुओं और तीर्थयात्रियों का आगमन जारी है, जिससे बोधगया का माहौल पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बन चुका है। ट्रैफिक प्लान लागू, कई रूट डायवर्ट भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। कालचक्र मैदान के आसपास वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित है। पार्किंग के लिए अलग जोन है। बोधगया आज से अध्यात्म और अंतरराष्ट्रीय समागम का केंद्र बन गया है। आने वाले 11 दिन तक यहां धार्मिक अनुष्ठान, त्रिपिटक पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां शहर के माहौल को और आध्यात्मिक बनाएंगी। दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं की नजर आज से शुरू होने वाले 20वें अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक पाठ समारोह पर टिकी है। 2 दिसंबर से 12 दिसंबर तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के लिए बोधगया पूरी तरह तैयार हो गया है। विदेशी मेहमानों की लगातार बढ़ती आमद और संभावित वीवीआईपी मूवमेंट के मद्देनज़र प्रशासन ने पूरे शहर को हाई अलर्ट मोड पर डाल दिया है। आज सुबह 7 बजे कार्यक्रम की शुरुआत शोभायात्रा से होगी। यह जुलूस ऑल इंडिया भिक्षु संघ मोनेस्ट्री से आगे बढ़ेगा। थाई मंदिर से होते हुए महाबोधि मंदिर परिसर और फिर कालचक्र मैदान तक रहेगा।इस शोभा यात्रा में 27 देशों से आए बौद्ध भिक्षु और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। बोधगया की सड़कों पर सुबह से ही अंतरराष्ट्रीय रंग दिखने लगा है। दोपहर 2 बजे पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे उद्घाटन समारोह होगा। उद्घाटन भारत सरकार के यूनियन कल्चर एंड टूरिज्म मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। 12 दिसंबर तक चलने वाले आयोजन अवधि में किसी भी दिन अरुणाचल के मुख्यमंत्री पहुंचने की संभावना बनी हुई है। ADM की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा, पूरा शहर कड़ी निगरानी में समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीटीएमसी सभागार में ADM की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक पूरी कर ली गई। पुलिस, प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं हैं। बोधगया में इस दौरान सुरक्षा घेरा सबसे मजबूत स्तर पर रहेगा। महाबोधि मंदिर से कालचक्र मैदान तक विशेष फोर्स की तैनाती की गई है। मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग है। सिर्फ पासधारी को ही प्रवेश दिया जाएगा। अब तक 20,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। रजिस्ट्रेशन अब भी जारी है। विभिन्न देशों से भिक्षुओं और तीर्थयात्रियों का आगमन जारी है, जिससे बोधगया का माहौल पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बन चुका है। ट्रैफिक प्लान लागू, कई रूट डायवर्ट भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। कालचक्र मैदान के आसपास वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित है। पार्किंग के लिए अलग जोन है। बोधगया आज से अध्यात्म और अंतरराष्ट्रीय समागम का केंद्र बन गया है। आने वाले 11 दिन तक यहां धार्मिक अनुष्ठान, त्रिपिटक पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां शहर के माहौल को और आध्यात्मिक बनाएंगी।


