समस्तीपुर फैमिली कोर्ट में 5 घंटे तक SHO डिटेन:मेंटेनेंस मामले में कार्रवाई नहीं करने पर भड़के जज, माफीनामा पर छोड़ा

समस्तीपुर फैमिली कोर्ट में 5 घंटे तक SHO डिटेन:मेंटेनेंस मामले में कार्रवाई नहीं करने पर भड़के जज, माफीनामा पर छोड़ा

समस्तीपुर के फैमिली कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय अग्रवाल ने मंगलवार की शाम रोसरा थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर लाल बाबू कुमार को करीब 5 घंटे तक कोर्ट में डिटेन रखा। थाना अध्यक्ष को डिटेल किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमें में खलबली मच गई। जानकारी के बाद एएसपी संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद देर शाम माफी नामा के बाद थानाध्यक्ष को छोड़ा गया। दरअसल, रोसड़ा थाना से जुड़े मेंटेनेंस के मामले में कार्रवाई नहीं करने से फैमिली कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय अग्रवाल नाराज थे। आरोपी की ओर से 1 साल से अधिक समय से नहीं उपलब्ध कराई जा रही थी मेंटेनेंस राशि जानकारी के अनुसार परिवार न्यायालय में चल रहे मेंटेनेंस वार्ड संख्या 35 /19 में आरोपी की ओर से 1 वर्ष से अधिक समय से पीड़ित को मेंटेनेंस की राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। जिस मामले को लेकर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने रोसड़ा थाना अध्यक्ष को नोटिस भिजवाया। नोटिस का जवाब नहीं मिलने और उपस्थित नहीं होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया। वारंट जारी होने पर मंगलवार को रोसड़ा थाना अध्यक्ष फैमिली कोर्ट में पहुंचे। रोसड़ा थाना अध्यक्ष को देखकर प्रधान न्यायाधीश गुस्से में आ गये और उन्हें तत्काल डिटेन कर लिया गया। यहां तक कि उन्हें हाजत में भेजने का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान कोर्ट के संतरी की ओर से इंस्पेक्टर को हाजत की ओर ले भी जाया गया। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही उन्हें वापस कोर्ट में बुलाया गया। बाद में एसपी को पूरे मामले की जानकारी दी गई। बताया गया है कि एसपी को कोर्ट में बुलाया जा रहा था, लेकिन एसपी अपने प्रतिनिधि के रूप में एएसपी संजय पांडे को कोर्ट भेजा। काफी देर चले मान-मनौव्वल के बाद थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर की ओर से इस मामले में माफी मांगी गई, जिसके बाद उन्हें देर शाम छोड़ा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में फैमिली कोर्ट कैंपस में वकील और कोर्ट से जुड़े लोगों की भीड़ लगी रही। कई पुलिस पदाधिकारी भी जमे रहे। हालांकि इस मामले पर कोई भी पुलिस पदाधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ बोलने से परहेज करते नजर आए। समस्तीपुर के फैमिली कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय अग्रवाल ने मंगलवार की शाम रोसरा थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर लाल बाबू कुमार को करीब 5 घंटे तक कोर्ट में डिटेन रखा। थाना अध्यक्ष को डिटेल किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमें में खलबली मच गई। जानकारी के बाद एएसपी संजय पांडे के नेतृत्व में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद देर शाम माफी नामा के बाद थानाध्यक्ष को छोड़ा गया। दरअसल, रोसड़ा थाना से जुड़े मेंटेनेंस के मामले में कार्रवाई नहीं करने से फैमिली कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय अग्रवाल नाराज थे। आरोपी की ओर से 1 साल से अधिक समय से नहीं उपलब्ध कराई जा रही थी मेंटेनेंस राशि जानकारी के अनुसार परिवार न्यायालय में चल रहे मेंटेनेंस वार्ड संख्या 35 /19 में आरोपी की ओर से 1 वर्ष से अधिक समय से पीड़ित को मेंटेनेंस की राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। जिस मामले को लेकर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने रोसड़ा थाना अध्यक्ष को नोटिस भिजवाया। नोटिस का जवाब नहीं मिलने और उपस्थित नहीं होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया। वारंट जारी होने पर मंगलवार को रोसड़ा थाना अध्यक्ष फैमिली कोर्ट में पहुंचे। रोसड़ा थाना अध्यक्ष को देखकर प्रधान न्यायाधीश गुस्से में आ गये और उन्हें तत्काल डिटेन कर लिया गया। यहां तक कि उन्हें हाजत में भेजने का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान कोर्ट के संतरी की ओर से इंस्पेक्टर को हाजत की ओर ले भी जाया गया। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही उन्हें वापस कोर्ट में बुलाया गया। बाद में एसपी को पूरे मामले की जानकारी दी गई। बताया गया है कि एसपी को कोर्ट में बुलाया जा रहा था, लेकिन एसपी अपने प्रतिनिधि के रूप में एएसपी संजय पांडे को कोर्ट भेजा। काफी देर चले मान-मनौव्वल के बाद थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर की ओर से इस मामले में माफी मांगी गई, जिसके बाद उन्हें देर शाम छोड़ा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में फैमिली कोर्ट कैंपस में वकील और कोर्ट से जुड़े लोगों की भीड़ लगी रही। कई पुलिस पदाधिकारी भी जमे रहे। हालांकि इस मामले पर कोई भी पुलिस पदाधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ बोलने से परहेज करते नजर आए।  

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