थानेदार पर CRPF जवान को लॉकअप में बंद करने का आरोप, न्याय के लिए SP से गुहार

थानेदार पर CRPF जवान को लॉकअप में बंद करने का आरोप, न्याय के लिए SP से गुहार

देवरिया जिले से पुलिस विभाग से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, यहां सीधे पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाला भी देश को सुरक्षा में तैनात पैरामिलिट्री का जवान है, सीएम योगी जहां पुलिसकर्मियों को आम जनता से बेहतर व्यवहार का निर्देश दिए हैं वहीं ये पुलिसकर्मी देश की सेवा में लगे जवानों को भी नहीं बख्श दे रहे हैं।

CRPF जवान ने भलुअनी थानेदार पर लगाया गंभीर आरोप

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात एक जवान ने थाना भलुअनी के थानाध्यक्ष पर दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट के साथ लाकअप में बंद करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक देवरिया से जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता नागेन्द्र कुमार यादव, जो सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं, ने देवरिया पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने 3 अप्रैल 2026 को अपनी एक समस्या को लेकर थाना भलुअनी में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था।

गाली-गलौज और धक्का देकर लॉकअप में बंद किया

बताया गया कि 4 अप्रैल को संबंधित मामले की जांच लोकल दारोगा द्वारा की गई, लेकिन उस समय शिकायतकर्ता घर पर मौजूद नहीं थे। शिकायत के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11:30 बजे शिकायतकर्ता थाना भलुअनी पहुंचे और अपनी शिकायत की स्थिति जानने के लिए थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार पाण्डेय से बातचीत की।

इसी दौरान थानाध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने: गाली-गलौज की धक्का देकर लॉकअप में बंद कर दिया लगभग 30 मिनट बाद बाहर निकाला, इतना ही नहीं उन्होंने बोला कि जहां शिकायत करना है कर लो। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उपनिरीक्षक अवधेश सिंह यादव व अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा उनका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया।

जवान बोला, भारत सरकार ने पांच बार सम्मानित किया है

CRPF जवान नागेन्द्र कुमार यादव ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि वह वर्ष 2007 से सीआरपीएफ में कार्यरत हैं और उन्हें भारत सरकार द्वारा पांच बार सम्मानित किया जा चुका है। आरोप है कि थानाध्यक्ष द्वारा उनके पदक और सेवा पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना की पुष्टि थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से की जा सकती है। उन्होंने निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराने की मांग कराते हुए दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कि गुहार लगाई है।

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