कोडरमा के ध्वजाधारी धाम में शिवरात्रि महोत्सव:777 सीढ़ियां चढ़कर भक्तों ने किया जलाभिषेक, दो दिवसीय मेले में उमड़ा जनसैलाब

कोडरमा के ध्वजाधारी धाम में शिवरात्रि महोत्सव:777 सीढ़ियां चढ़कर भक्तों ने किया जलाभिषेक, दो दिवसीय मेले में उमड़ा जनसैलाब

कोडरमा स्थित ध्वजाधारी धाम में शिवरात्रि महोत्सव के तहत दो दिवसीय मेले की शुरुआत भक्ति और उत्साह के माहौल में हुई। मेले का उद्घाटन विधायक डॉ. नीरा यादव और महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी महाराज ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के साथ ही धाम परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। विधायक ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि कोडरमा ही नहीं, आसपास के कई जिलों से भी श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे यह धाम एक प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। ब्रह्मा के मानस पुत्र कद्रम ऋषि की तपोभूमि मानी जाती है धाम ध्वजाधारी धाम को पौराणिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि द्वापर युग में ब्रह्मा के मानस पुत्र क़द्रम ऋषि ने यहां कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें ध्वजा और त्रिशूल भेंट किए थे। तभी से यहां ध्वजा और त्रिशूल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु 777 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ की चोटी पर स्थित शिवालय तक पहुंच रहे हैं और जलाभिषेक कर रहे हैं। हाथों में जल, बेलपत्र और पूजा सामग्री लिए भक्त पूरे उत्साह के साथ चढ़ाई कर रहे हैं। पहाड़ से लेकर मंदिर परिसर तक आस्था की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला पुलिस बल के जवानों के साथ एनसीसी कैडेट्स को भी तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे डीएसपी रतीभान सिंह ने बताया कि पहाड़ से लेकर पूरे मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात है। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पहले दिन श्रद्धालु श्रद्धा के साथ जलाभिषेक कर रहे हैं, वहीं दूसरे दिन मेले का आनंद लेने के लिए और भी अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है। यह सिलसिला रविवार शाम तक जारी रहने की उम्मीद है। कोडरमा स्थित ध्वजाधारी धाम में शिवरात्रि महोत्सव के तहत दो दिवसीय मेले की शुरुआत भक्ति और उत्साह के माहौल में हुई। मेले का उद्घाटन विधायक डॉ. नीरा यादव और महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी महाराज ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के साथ ही धाम परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। विधायक ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि कोडरमा ही नहीं, आसपास के कई जिलों से भी श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे यह धाम एक प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। ब्रह्मा के मानस पुत्र कद्रम ऋषि की तपोभूमि मानी जाती है धाम ध्वजाधारी धाम को पौराणिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि द्वापर युग में ब्रह्मा के मानस पुत्र क़द्रम ऋषि ने यहां कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें ध्वजा और त्रिशूल भेंट किए थे। तभी से यहां ध्वजा और त्रिशूल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु 777 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ की चोटी पर स्थित शिवालय तक पहुंच रहे हैं और जलाभिषेक कर रहे हैं। हाथों में जल, बेलपत्र और पूजा सामग्री लिए भक्त पूरे उत्साह के साथ चढ़ाई कर रहे हैं। पहाड़ से लेकर मंदिर परिसर तक आस्था की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला पुलिस बल के जवानों के साथ एनसीसी कैडेट्स को भी तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे डीएसपी रतीभान सिंह ने बताया कि पहाड़ से लेकर पूरे मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात है। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पहले दिन श्रद्धालु श्रद्धा के साथ जलाभिषेक कर रहे हैं, वहीं दूसरे दिन मेले का आनंद लेने के लिए और भी अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है। यह सिलसिला रविवार शाम तक जारी रहने की उम्मीद है।  

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