200 साल पुराने पातालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर जागरण:कुएं की खुदाई में मिली थी शिवलिंग, ग्रामीणों ने बनाया था मंदिर

200 साल पुराने पातालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर जागरण:कुएं की खुदाई में मिली थी शिवलिंग, ग्रामीणों ने बनाया था मंदिर

कानपुर देहात के कुर्वाखुर्द गांव स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने पातालेश्वर शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य भक्ति जागरण का आयोजन किया गया। पूरी रात मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर भगवान शिव की आराधना की। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। भक्ति जागरण में आए कलाकारों ने शिव भजनों की मधुर प्रस्तुतियां दीं और भक्तिमय नृत्य से माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालु देर रात तक भजनों पर झूमते रहे। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर का इतिहास करीब दो शताब्दी पुराना है। बताया जाता है कि वर्षों पहले गांव के लोग कुएं की खुदाई कर रहे थे। खुदाई के दौरान काले पत्थर की शिवलिंग प्रकट हुई। इसे दिव्य संकेत मानते हुए ग्रामीणों ने उसी स्थान पर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से यहां महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। मंदिर की भव्यता और प्राचीन आस्था लोगों को आकर्षित करती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं सहित आसपास के गांवों के श्रद्धालु मौजूद रहे। इस अवसर पर अमित शुक्ला, संतोष कुमार शुक्ला, अनिल, राघवेंद्र कुमार, नरेंद्र शुक्ला, विवेक कुमार, गोपाल जी शुक्ला, मुन्ना सिंह चंदेल, अनूप, रजोल तिवारी, राजेश राजावत और रामसिंह कुशवाहा समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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