शिवहर रेल परियोजना की रफ्तार धीमी-पूर्व प्रत्याशी:बोले-80 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी

शिवहर रेल परियोजना की रफ्तार धीमी-पूर्व प्रत्याशी:बोले-80 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी

शिवहर जिला दशकों बाद भी रेल नेटवर्क से वंचित है, जिसे लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन समर्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व प्रत्याशी नवनीत कुमार झा ने रेल परियोजना की धीमी प्रगति पर सवाल उठाए हैं। झा ने आरोप लगाया कि उनके दल के नेता और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। इसके बावजूद, यह राजनीतिक खींचतान का शिकार हो गई है, जिसके कारण कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है। मीडिया से बातचीत में नवनीत कुमार झा ने बताया कि सीतामढ़ी-रेवासी-शिवहर-बापूधाम मोतिहारी (28 किमी) रेल लाइन परियोजना भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण 2027 तक भी अधूरी रह सकती है। उनका दावा है कि अब तक केवल 20 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है, जबकि 80 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि शिवहर बिहार के उन चुनिंदा जिलों में से है, जहां आज तक न तो रेलवे स्टेशन है और न ही रेल पटरी। लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए लगभग 60 किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर या मोतिहारी जाना पड़ता है। झा ने आरोप लगाया कि 2006-07 में स्वीकृत इस परियोजना को प्रशासनिक उदासीनता ने वर्षों तक ठप रखा। भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा भुगतान में कथित रिश्वतखोरी के कारण किसान अपनी जमीन देने से हिचक रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 2023 में बापूधाम मोतिहारी-सीतामढ़ी नई रेल लाइन के लिए 583 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। हालांकि, कार्य की धीमी गति को देखते हुए इसके 2027 तक भी पूर्ण होने पर संशय बना हुआ है। नवनीत कुमार झा ने जिला प्रशासन से परियोजना को गति देने की मांग की है। उनका कहना है कि रेल संपर्क स्थापित होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि शिवहर के विकास को भी नई दिशा मिलेगी। स्थानीय लोगों में परियोजना की देरी को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। शिवहर जिला दशकों बाद भी रेल नेटवर्क से वंचित है, जिसे लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन समर्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व प्रत्याशी नवनीत कुमार झा ने रेल परियोजना की धीमी प्रगति पर सवाल उठाए हैं। झा ने आरोप लगाया कि उनके दल के नेता और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। इसके बावजूद, यह राजनीतिक खींचतान का शिकार हो गई है, जिसके कारण कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है। मीडिया से बातचीत में नवनीत कुमार झा ने बताया कि सीतामढ़ी-रेवासी-शिवहर-बापूधाम मोतिहारी (28 किमी) रेल लाइन परियोजना भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण 2027 तक भी अधूरी रह सकती है। उनका दावा है कि अब तक केवल 20 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है, जबकि 80 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि शिवहर बिहार के उन चुनिंदा जिलों में से है, जहां आज तक न तो रेलवे स्टेशन है और न ही रेल पटरी। लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए लगभग 60 किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर या मोतिहारी जाना पड़ता है। झा ने आरोप लगाया कि 2006-07 में स्वीकृत इस परियोजना को प्रशासनिक उदासीनता ने वर्षों तक ठप रखा। भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा भुगतान में कथित रिश्वतखोरी के कारण किसान अपनी जमीन देने से हिचक रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 2023 में बापूधाम मोतिहारी-सीतामढ़ी नई रेल लाइन के लिए 583 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। हालांकि, कार्य की धीमी गति को देखते हुए इसके 2027 तक भी पूर्ण होने पर संशय बना हुआ है। नवनीत कुमार झा ने जिला प्रशासन से परियोजना को गति देने की मांग की है। उनका कहना है कि रेल संपर्क स्थापित होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि शिवहर के विकास को भी नई दिशा मिलेगी। स्थानीय लोगों में परियोजना की देरी को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।  

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