पाली में गुरुवार को शिवाजी की जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। इस बार खास बात यह रही कि शिवसैनकों ने शहर के नहर पुलिया शिवाजी सर्किल पर लगी शिवाजी की प्रतिमा का 11 लीटर दूध से अभिषेक किया। इससे पहले उन्होंने पानी से शिवाजी की प्रतिमा की धुलाई भी की। इस दौरान बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे। पाली शिवसेना जिला प्रमुख सोहन सिंह राव ने बताया कि शिवाजी सर्कल पर स्थित शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पाली शिव सैनिकों ने माल्यार्पण कर शिवाजी महाराज की जयंती को मनाई।
एडवोकेट विशाल सैनी ने कहा कि शिवाजी का जन्म 19 फरवरी, 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनके पिता शाहजीराजे भोंसले एक शक्तिशाली सामंत राजा एवं कूर्मि कुल में जन्मे थे। उनकी माता जीजाबाई जाधवराव कुल में उत्पन्न असाधारण प्रतिभाशाली महिला थी। शिवाजी महाराज के चरित्र पर माता-पिता का बहुत प्रभाव पड़ा। उनका बचपन उनकी माता के मार्गदर्शन में बीता। उन्होंने राजनीति एवं युद्ध की शिक्षा ली थी। वे उस युग के वातावरण और घटनाओं को भली प्रकार समझने लगे थे। उनके हृदय में स्वाधीनता की लौ प्रज्ज्वलित हो गई थी।
इस दौरान उप जिला प्रमुख अरविंद बंजारा, सोहनसिंह कच्छवाह, शंकर कुमावत, महेंद्र शर्मा, जितेंद्र चौहान, नरेश पंवार, कमलेश प्रजापत, रतन सिंह इंदा ,भैरव सिंह इंदा, धीरज, निलेश दवे, मदन हिंगड़, हेमंत मेघवाल, बाबू लौहार, रतनसिंह पंवार, चम्पालाल प्रजापत, कानसिंह, भैरूसिंह, विकास सोलंकी, गौरव जांगिड़, देवेन्द्र चौहान, नमन जोशी, भारत सिंह राजपुरोहित, विक्रमसिंह भाटी सहित कई शिव सैनिक मौजूद रहे।


