महाशिवरात्रि के अवसर पर टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में गहरी आस्था और उत्साह का माहौल देखा गया। विभिन्न गांवों के शिवालयों से रविवार शाम को पारंपरिक शिव बारात निकाली गई, जिसने पूरे गांव का भ्रमण किया। ढोल-नगाड़ों, डमरू और भजनों की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। प्रखंड के बनहरा स्थित प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर और देवघरा में विशेष रूप से बारात और शिव विवाह कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी क्रम में भुना पंचायत के बरदघट्टा गांव स्थित शिव मंदिर से भी एक बारात निकाली गई। यह बारात जगतपुरा दुर्गा मंदिर होते हुए पूरे गांव में घूमी, जिसमें पुरुष, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। बारात में भगवान शंकर के रूप में सजे कलाकार, भूत-प्रेत और बेताल बने बाराती तथा डमरू वादन करते कलाकार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पूरे क्षेत्र में शिवरात्रि को लेकर भक्ति, उल्लास और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। महाशिवरात्रि के अवसर पर टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में गहरी आस्था और उत्साह का माहौल देखा गया। विभिन्न गांवों के शिवालयों से रविवार शाम को पारंपरिक शिव बारात निकाली गई, जिसने पूरे गांव का भ्रमण किया। ढोल-नगाड़ों, डमरू और भजनों की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। प्रखंड के बनहरा स्थित प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर और देवघरा में विशेष रूप से बारात और शिव विवाह कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी क्रम में भुना पंचायत के बरदघट्टा गांव स्थित शिव मंदिर से भी एक बारात निकाली गई। यह बारात जगतपुरा दुर्गा मंदिर होते हुए पूरे गांव में घूमी, जिसमें पुरुष, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। बारात में भगवान शंकर के रूप में सजे कलाकार, भूत-प्रेत और बेताल बने बाराती तथा डमरू वादन करते कलाकार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पूरे क्षेत्र में शिवरात्रि को लेकर भक्ति, उल्लास और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।


