धरहरा प्रखंड क्षेत्र में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। रविवार शाम लगभग 7:00 बजे धरहरा के बूढ़ानाथ महादेव मंदिर और मानगढ़ स्थित भदैया स्थान मंदिर से भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। इस बारात में हजारों संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु “बोल बम”, “हर हर महादेव” और “जय शिव शंकर” के जयकारों के साथ नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। पूरे क्षेत्र का माहौल शिवमय हो गया। बारात में पारंपरिक ढोल-नगाड़े, बाजा और भक्ति गीतों की धुन पर युवाओं के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिव बारात मंदिर परिसर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी और अंततः वापस मंदिर में संपन्न हुई। महाशिवरात्रि को लेकर सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही, जिसने शाम की शिव बारात के आयोजन को और भी भव्य बना दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर हर साल शिव बारात का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक रहा। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय समिति के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। धरहरा प्रखंड क्षेत्र में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। रविवार शाम लगभग 7:00 बजे धरहरा के बूढ़ानाथ महादेव मंदिर और मानगढ़ स्थित भदैया स्थान मंदिर से भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। इस बारात में हजारों संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु “बोल बम”, “हर हर महादेव” और “जय शिव शंकर” के जयकारों के साथ नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। पूरे क्षेत्र का माहौल शिवमय हो गया। बारात में पारंपरिक ढोल-नगाड़े, बाजा और भक्ति गीतों की धुन पर युवाओं के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिव बारात मंदिर परिसर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी और अंततः वापस मंदिर में संपन्न हुई। महाशिवरात्रि को लेकर सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही, जिसने शाम की शिव बारात के आयोजन को और भी भव्य बना दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर हर साल शिव बारात का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक रहा। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय समिति के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।


