उज्जैन. संगीत सूर्य केशवराव भोसले राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिषद एवं वसंत विहार कॉलोनी उद्यान समिति के संयुक्त तत्वावधान में शिवजन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. राजश्री जोशी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक महान शासक ही नहीं, बल्कि स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सुशासन के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर शत्रुओं को परास्त किया और अनेक सुदृढ़ किलों का निर्माण कर हिंदवी स्वराज्य की नींव रखी। उनके जीवन से समाज में एकता और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
न्यायप्रियता और महिला सम्मान पर विशेष बल
कार्यक्रम में श्री राजेश परब ने शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी विशेषता न्यायप्रियता और धर्मनिरपेक्ष सोच थी। उनके शासन में महिलाओं के सम्मान की रक्षा सर्वोपरि थी और युद्धकाल में भी मानवीय मूल्यों का संरक्षण किया गया। परिषद की अध्यक्ष डॉ. नेत्रारावणकर ने कहा कि शिव जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और अपनी संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने राजमाता राजमाता जीजाबाई के संस्कारों को याद करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में शिवाजी महाराज ने स्वराज्य का सपना साकार किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह में देवी अवंती सामाजिक युवा कल्याण समिति की बालिकाओं ने शिवजन्मोत्सव पर आधारित नाटिका एवं शक्ति प्रदर्शन की प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। उद्यान में स्थापित शिवाजी राजे की प्रतिमा के निर्माणकर्ता चंद्रकांत परब को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। अतिथि परिचय श्रीमती करुणा शितोले ने दिया। कार्यक्रम में छवि कदम, मोना शिंदे, हेमा यादव, रश्मि अहिरकर, पदमा परब, गोपाल महाकाल, मोना देशमुख, माया बधेका, संतोष सुपेकर, मानसिंह शरद, गोपाल कृष्ण निगम, अशोक रावणकर सहित अनेक कॉलोनीवासी उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन परिषद की कार्याध्यक्ष श्रीमती रोशनी पाटील ने किया।


