दसवीं परिणाम: टॉपर्स देने में आगे शिक्षानगरी, आठवीं में लगातार तीसरी साल शहंशाह

दसवीं परिणाम: टॉपर्स देने में आगे शिक्षानगरी, आठवीं में लगातार तीसरी साल शहंशाह

सीकर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 10वीं तथा 5वीं व 8वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम मंगलवार को एक साथ जारी हुआ। परिणाम में शिक्षा नगरी सीकर की साख फिर सशक्त हुई। इनमें छात्रा प्रियांशी 99.83 फीसदी अंकों सहित प्रदेश में टॉपर रही। अंग्रेजी को छोड़ प्रियांशी ने सभी विषयों में शत प्रतिशत अंक हासिल किए। टॉपर देने में शिक्षानगरी सबसे आगे रही है। 97.43 फीसदी परिणाम के साथ जिला भी महज .34 फीसदी से ही प्रदेश में अपनी पिछले साल की बादशाहत कायम रखने से चूका। 97.77 अंकों सहित झुंझुनूं और 97.59 फीसदी परिणाम के साथ डीडवाना— कुचामन ही मामूली अंतर से सीकर से आगे रहे। इधर, 8वीं बोर्ड में 98.25 फीसदी के साथ लगातार तीसरे साल अव्वल रहकर जिले ने अपनी शहंशाही कायम की। 5वीं के परिणाम में भी पिछले साल की तरह चौथे स्थान पर रहकर जिला टॉप—5 में जगह बनाए रहा।

छह साल से तीन जिलों में अव्वल रहने की होड

कोविड काल के बाद के 10वीं के परिणामों को देखें तो प्रदेश में अव्वल रहने की होड सीकर, झुंझुनूं व नागौर जिले के बीच ही चल रही है। 2022 में नागौर और 2023 व 2024 में झुंझुनूं परिणाम में प्रथम स्थान पर रहा था। इस समय सीकर दूसरे स्थान पर था। इसके बाद सीकर जिले ने पिछले साल एक पायदान छलांग लागाकर अपनी बादशाहत कायम की तो इस साल ये खिताब फिर झुंझुनूं के पास चला गया। यहां भी नागौर से अलग होकर बना डीडवाना- कुचामन जिला ही दूसरे व सीकर तीसरे स्थान पर रहा है।

66 फीसदी छात्र, 74 फीसदी छात्राओं के फर्स्ट डिविजन

10वीं के परिणाम में इस बार भी बेटियां बेटों से आगे रहीं। जिले में छात्रों का परिणाम 97.38 प्रतिशत रहा, जबकि छात्राओं का परिणाम 97.48 प्रतिशत दर्ज किया गया। फर्स्ट डिविजन हासिल करने में भी छात्राएं आगे रहीं। कुल छात्रों में 66.51 प्रतिशत छात्रों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की, जबकि छात्राओं में यह आंकड़ा 74.26 प्रतिशत रहा।

छात्राओं का ज्यादा गिरा परिणाम

पिछले साल के मुकाबले इस बार छात्राओं का परिणाम जिले में ज्यादा गिरा है। पिछले साल के 97.39 फीसदी के मुकाबले छात्रों का परिणाम .1 की मामूली गिरावट के साथ 97.38 फीसदी रहा तो छात्राओं का 97.77 से .29 फीसदी गिरा है।

670 छात्र, 515 छात्राएं फेल

10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले में इस बार कुल 1,185 विद्यार्थी फेल हुए। इनमें 670 छात्र और 515 छात्राएं शामिल रही।

6 साल में ये रहा परिणाम

2020-87.64

2021- कोविड की वजह से प्रमोट

2022-91.36

2023-95.63

2024- 97.61

2025- 97.56

2026- 97.43

सीकर का रिजल्ट एक नजर

पंजीकृत परीक्षार्थी- 46,601

परीक्षा दी- 46043

फर्स्ट डिविजन- 32,210

सेकंड डिविजन- 11,231

थर्ड डिविजन- 1,416

कुल पास: 44,858

परिणाम प्रतिशत- 97.43%

छात्र

पंजीकृत- 25,966

परीक्षा दी- 25,591

फर्स्ट डिविजन- 17,022

सेकंड डिविजन- 6,964

थर्ड डिविजन- 935

कुल पास- 24,921

परिणाम प्रतिशत- 97.38%

छात्रा

पंजीकृत- 20,635

परीक्षा दी- 20,452

फर्स्ट डिविजन- 15,188

सेकंड डिविजन- 4,267

थर्ड डिविजन- 481

कुल पास- 19,937

परिणाम प्रतिशत: 97.48%

प्रवेशिका में 2 पायदान की छलांग

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की प्रवेशिका परीक्षा में जिले ने इस बाद भी दो पायदान छलांग लगाई। पिछले साल 16 वें स्थान पर रहा जिला इस बार 86.29 फीसदी अंकों के साथ 14वें स्थान पर था। हालांकि पिछले साल के 87.13 फीसदी के मुकाबले इस बार जिले का परिणाम प्रतिशत 0.84 कम रहा। परीक्षा में जिले के कुल 404 पंजीकृत में से 394 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें 340 अभ्यर्थी सफल रहे। यहां भी छात्रों के मुकाबले छात्राओं का परिणाम बेहतर रहा। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.52 तो छात्रों का 81.42 प्रतिशत ही रहा। 26 छात्रों के सामने प्रथम श्रेणी पाने वाली छात्राओं की संख्या भी 49 रही। कुल परीक्षार्थियों में 75 ने प्रथम, 169 ने द्वितीय और 96 ने तृतीय श्रेणी हासिल की। परीक्षा में 99.24 फीसदी सहित टोंक जिला प्रदेश में अव्वल रहा। यहां 132 में से 131 परीक्षार्थी परीक्षा में सफल रहे।

प्रवेशिका रिजल्ट एक नजर

पंजीकृत स्टूडेंट- 404

परीक्षा दी- 394

फर्स्ट डिविजन- 75

सैकंड डिविजन-169

थर्ड डिविजन- 96

कुल पास: 340

परिणाम प्रतिशत-86.29

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