‘घर से लौटने पर कर रही थी सुसाइड की बातें’:भोपाल में MBBS छात्रा की मौत पर PG इंचार्ज का दावा; पिता बोले-पढ़ाई का था स्ट्रेस

‘घर से लौटने पर कर रही थी सुसाइड की बातें’:भोपाल में MBBS छात्रा की मौत पर PG इंचार्ज का दावा; पिता बोले-पढ़ाई का था स्ट्रेस

भोपाल में एमबीबीएस की छात्रा रोशनी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव एक प्राइवेट पीजी के बाथरूम में मिला था। पास ही एसिड की बोतल भी पाई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एसिड से मौत की पुष्टि हुई है। बेटी का शव लेने आलीराजपुर से आए छात्रा के पिता वंतर सिंह ने बताया कि रोशनी पढ़ाई के दबाव में जरूर थी, लेकिन आत्महत्या जैसा कदम उठाएगी, इसकी कभी कल्पना नहीं की थी। वह अच्छी डॉक्टर बनना चाहती थी। नीट परीक्षा में 400 से अधिक अंक लाकर खुद गांधी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। दूसरी ओर, जिस पीजी में छात्रा रहती थी, उसकी संचालक का दावा है कि रोशनी घर से लौटने के बाद पिछले दो दिनों से सहेलियों से सुसाइड की बात कर रही थी। सुबह जब वह कॉलेज जाने के लिए बाहर नहीं निकली तो साथ रहने वाली छात्राओं ने दरवाजा तोड़कर देखा। वह बेसुध हालत में थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, कॉलेज डीन ने भी पुष्टि की है कि रोशनी पढ़ाई समझ न आने के कारण मानसिक तनाव में थी। पिता बोले- बेटी कुछ दिनों से घर पर ही थी अलीराजपुर जिले के अकलवा गांव की रहने वाली रोशनी के पिता वंतर सिंह कलेश ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8.30 बजे बेटी की हालत की जानकारी मिली। रोशनी कुछ दिनों से घर पर ही थी। वह दो बहनों में बड़ी थी। शनिवार को ही तो उसे अलीराजपुर से भोपाल के लिए ट्रेन में बैठाया था। रविवार और सोमवार वह भोपाल में रही। पढ़ाई का दबाव था, लेकिन हिम्मत वाली थी रोशनी पिता वंतर सिंह ने कहा कि रोशनी ने पढ़ाई के स्ट्रेस का जिक्र जरूर किया था, लेकिन वह हमेशा यही कहती थी कि “पापा, मैं पढ़ लूंगी।” नीट परीक्षा में उसके 400 से ज्यादा अंक आए थे और उसने खुद गांधी मेडिकल कॉलेज का चयन किया था। वह शुरू से डॉक्टर बनना चाहती थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी मेहनत के दम पर आगे बढ़ेगी। पीजी इंचार्ज बोलीं- सभी से अच्छे से बात करती थी जिस प्राइवेट पीजी में रोशनी रह रही थी, उसकी संचालक करुणा नायर ने बताया कि रोशनी का स्वभाव बेहद अच्छा था। वह हमेशा हंसते-खेलते रहती थी और सभी से अच्छे से बात करती थी। पीजी में हर जगह कैमरे लगे हैं, जिससे बच्चों की निगरानी की जाती है। करुणा नायर के मुताबिक, रोशनी की दोस्तों ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से सुसाइड करने की बात कर रही थी। वह दो दिन पहले ही घर से लौटकर भोपाल आई थी। अगर यह बात समय रहते उन्हें या परिवार को बता दी जाती, तो शायद कोई कदम उठाया जा सकता था। कई बार आवाज देने पर भी नहीं निकली गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी का शव उसके पीजी के बाथरूम में मिला था। मंगलवार सुबह जब वह कॉलेज जाने के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ पढ़ने वाली छात्राओं को शक हुआ। कई बार आवाज देने और फोन कॉल करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो पीजी के गार्ड को बुलाया गया। पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी बेसुध हालत में पड़ी मिली। उसके पास एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया साथी छात्राओं और पीजी स्टाफ ने तत्काल कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी। इसके बाद रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पीएम रिपोर्ट में एसिड पीने से मौत की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि रोशनी की मौत एसिड पीने से हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, एसिड से उसके अंदरूनी अंग बुरी तरह जल गए थे, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। डीन ने कहा- पढ़ाई समझ न आने से थी परेशान गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन कविता एन. सिंह ने बताया कि रोशनी के मोबाइल में परिजनों को भेजे गए मैसेज से पता चला है कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। वह मेहनत तो कर रही थी, लेकिन उसे लग रहा था कि सब कुछ ठीक से समझ में नहीं आ रहा है। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान थी। डे-स्कॉलर थी, प्राइवेट पीजी में रहती थी कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, रोशनी डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा इलाके में स्थित एक प्राइवेट पीजी में रह रही थी। उसने अक्टूबर में ही एडमिशन लिया था। साथी छात्राओं ने बताया कि रोशनी शांत स्वभाव की थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहती थी। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में बाथरूम में मिला MBBS छात्रा का शव भोपाल में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में पड़ा था। पास ही एसिड की बोतल भी मिली है। रोशनी ने पिछले साल ही अक्टूबर में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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