गणतंत्र दिवस के अवसर पर गोंडा में बहादुरी की मिसाल पेश करने वाले कक्षा चार के छात्र शशांक सिंह को सम्मानित किया गया। स्कूली वैन में आग लगने के दौरान बच्चों की जान बचाने के साहसिक कार्य के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने संयुक्त रूप से दिया। यह घटना 12 नवंबर 2025 की है, जब वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के पास सेंट जोसेफ स्कूल की एक स्कूली वैन में बच्चों को ले जाते समय अचानक आग लग गई थी। वैन में आगे की सीट पर बैठे शशांक सिंह ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए बड़ा हादसा होने से बचा लिया। ऐसे बचाई बच्चों की जान आग लगने के बाद वैन का दरवाजा अंदर से नहीं खुल रहा था। इस दौरान शशांक ने अपने पैरों से कई बार गेट पर जोरदार वार कर उसे खोला और खुद बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने वैन में फंसे अन्य बच्चों को भी सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। सभी बच्चों के बाहर निकलते ही वैन में आग तेजी से फैल गई। शशांक की बहादुरी से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। शशांक की इस बहादुरी को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया। गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा,”शशांक सिंह ने जिस तरह साहस और सूझबूझ से काम लिया, वह काबिल-ए-तारीफ है। यदि बच्चे समय रहते बाहर नहीं निकलते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। शशांक वास्तव में बेहद बहादुर, निर्भीक और तेज बच्चा है। उसकी बहादुरी की जितनी भी सराहना की जाए, कम है।” राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान की मांग गौरतलब है कि इससे पहले 11 नवंबर 2025 को गोंडा सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने गोंडा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शशांक सिंह की बहादुरी को देखते हुए उनका नाम प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार या राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजे जाने की सिफारिश की थी। शशांक सिंह वजीरगंज थाना क्षेत्र के बनघुसरा गांव के निवासी हैं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया और उम्मीद जताई कि वह आगे भी समाज के लिए इसी तरह प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।


