पैनी नजर, लंबी प्लानिंग फिर अचूक हथियार से इजरायल ने की खामेनेई की हत्या

पैनी नजर, लंबी प्लानिंग फिर अचूक हथियार से इजरायल ने की खामेनेई की हत्या

Ayatollah Khamenei Killed by Missile Attack: इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या कर दी गई। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला एक लड़ाकू विमान से किया गया था। लड़ाकू विमान से दागी गई ब्लू स्पैरो के नाम की मिसाइल से अली खामेनेई को निशाना बनाया गया। इजरायल का यह घातक हथियार लगभग 1,240 मील की दूरी तय करने में सक्षम है। यह मिसाइल कई तरह के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने और अपने लक्ष्य को सटीक तरह से निशाना बनाने में सक्षम है।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ब्लू स्पैरो मिसाइल तेहरान में ईरानी नेतृत्व के ठिकानों पर चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा थी। इस मिसाइल से हमला करके अली खामेनेई की कड़ी सुरक्षा वाले परिसर को निशाना बनाया गया। खामेनेई के अलाव इस परिसर में कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक हस्तियां एक बैठक के लिए एकत्रित हुई थीं। मिसाइल हमले के अगले दिन ईरान के सरकारी मीडिया चैनल ने अपने सर्वोच्च नेता खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि की। इस हमले में खामेनेई के साथ उनकी पत्नी और कुछ अन्य लोग मारे गए। मिसाइल हमला करने से पहले इजरायल ने खुफिया तरीके से खामेनेई से जुड़ी जानकारी एकत्र की और फिर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

क्या है ब्लू स्पैरो मिसाइल की खासियत?

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या में इस्तेमाल होने वाली इजरायल की ब्लू स्पैरो मिसाइल काफी घातक है, जो इसे बेहद खास बनाती है। ब्लू स्पैरो मिसाइल को इजरायल की राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स कंपनी ने बनाई है। यह एक एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे लड़ाकू विमान से लॉन्च किया जाता है। ब्लू स्पैरो मिसाइल की लंबाई 6.5 मीटर, वजन 1900 किलोग्राम और रेंज 2,000 किलोमीटर है।

इजरायल ने 1000 KM की दूरी से खामेनेई को बनाया निशाना

इजरायल ने करीब 1000 किलोमीटर की दूरी से अपने लड़ाकू विमान से ब्लू स्पैरो मिसाइल को दागा था। इस ऑपरेशन में F-15, ईगल जेट और अन्य इजरायली लड़ाकू विमान ने ब्लू स्पैरो मिसाइलें दागीं। इस ऑपरेशन में खामेनेई के परिसर और आसपास के क्षेत्र में करीब 30 सटीक हमले किए गए। खामेनेई को निशाना बनाने से पहले अमेरिका ने अपनी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के जरिए ईरान में खुफिया जानकारी जुटाई। इसके बाद प्लानिंग के तहत खामेनेई की हत्या की गई। CIA ने कई महीनों पर ईरान में खुफिया जानकारी एकत्र की थी। खामेनेई को ट्रेस करने के लिए CIA ने ईरान की सड़कों पर लगे कैमरों तक को हैक किया। CIA के अधिकारी खामेनेई की हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे।

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