सतीश कपूर | अमृतसर उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव दादरी से निकलकर इंटरनेशनल मंच पर भारत का नाम रोशन करने वाली मिसेज यूनिवर्स 2025 शैरी एस. सिंह मंगलवार को अमृतसर पहुंचीं। अमृतसर पहुंचने पर शैरी सिंह सबसे पहले सचखंड श्री हरमंदर साहिब नतमस्तक हुईं। यहां पहुंचने पर फिक्की फ्लो की प्रधान मोना सिंह और उनकी टीम ने समारोह में उन्हें सम्मानित किया। शैरी सिंह ने फिलीपींस के मनीला में 120 देशों की सुंदरियों को पछाड़कर 48 साल की उम्र में मिसेज यूनिवर्स बनीं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शैरी ने बताया कि इस ताज को हासिल करने में उन्हें 4 साल का लंबा समय लगा। उन्होंने साझा किया कि एक समय वह नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी थीं, लेकिन चोट के कारण उनका खेल करियर रुक गया। शादी के बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इस ताज का वजन कभी-कभी सिरदर्द देता है, लेकिन देश की जीत के आगे यह दर्द कुछ भी नहीं। शैरी ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए वह अपने 7 साल के बेटे दिलावर को घर छोड़कर गई थीं। अपनी शानदार पर्सनैलिटी और कद-काठी के कारण शैरी को पंजाबी फिल्मों के ऑफर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत मेरी नहीं, बल्कि उन सभी भारतीय महिलाओं की है जो परिवार संभालती हैं। उनका कहना है शादी के बाद परिवार को संभालने के साथ-साथ महिलाओं को ग्लेमर और ब्यूटीशियन जैसे कंटेस्ट में भाग लेना चाहिए।


