Share Market: अमरीका और ईरान के बीच युद्ध लंबा चलने की आशंकाओं से बाजार में चारों तरफ निराशा फैल गई है। इससे हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को निफ्टी 50 और सेंसेक्स 2% से ज्यादा टूट गए थे। इस जंग के शुरू होने से अब तक सेंसेक्स 6723 अंक यानी 8.27% टूट चुका है। मार्च 2026 में ही भारतीय बाजार 8% गिर चुके हैं, जो मार्च 2020 में कोरोना महामारी के बाद की सबसे बड़ा मासिक गिरावट है।
34 लाख करोड़ रुपए का नुकसान
पश्चिम एशिया संकट से भारतीय बाजार में लिस्टेड कंपनियों की बाजार पूंजी 34 लाख करोड़ रुपए घट गई है। हालांकि, इसके बावजूद भारतीय शेयर बाजार (निफ्टी 50) का वैल्यूएशन अमरीका और जापान को छोड़कर सबसे अधिक है। यानी भारतीय बाजार अभी भी महंगा है।
क्रूड की ऊंची कीमतें और रुपए में जारी गिरावट के बीच भारत सहित 16 देशों पर अमरीकी जांच के बाद रिपोर्ट आई कि भारत ने अमरीका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने को कुछ महीनों के लिए टालने का फैसला किया है। इससे बाजार में गिरावट और बढ़ गई। पहले से ही दबाव झेल रहे बाजार में मेटल स्टॉक्स में बड़ी बिकवाली ने शुक्रवार को गिरावट को बढ़ा दिया।
अमरीका-ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद है। इस बीच नॉर्वे की एनर्जी रिसर्च फर्म रायस्टैड एनर्जी ने कहा, इस लड़ाई से गल्फ देशों की 20 लाख बैरल प्रतिदिन तक की रिफाइनिंग क्षमता खतरे में पड़ गई है।
इन वजहों से शेयर बाजार में तबाही
भारत ने अमरीका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर को कुछ महीनों के लिए टालने का फैसला किया है। इसका कारण ट्रंप का भारत सहित 16 देशों के खिलाफ नई जांच शुरू करना है।
अमरीका और ईरान के बीच लंबे समय तक चलने वाले संभावित संघर्ष की चिंता के कारण नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट का सिलसिला जारी है। ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा।
FII ने मार्च में 56,883 करोड़ निकाले
पहले से ही बिकवाल बने हुए विदेशी निवेशकों (एफआइआइ) ने पश्चिम एशिया तनाव के बीच अपनी बिकवाली तेजी कर दी है। इसके चलते इंडेक्स में भारी वजन रखने वाले शेयर गिर रहे हैं। एफआइआइ ने मार्च में अब तक 56,883 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं।


