Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और अमेरिकी बाजार में बिकवाली के चलते निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है। आज कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 800 अंक से अधिक टूट गया और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 25600 के नीचे फिसल गया, जिससे दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार की स्थिति बन गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 835 अंक तक लुढ़क गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 200 अंक से अधिक गिरकर 25600 के नीचे पहुंच गया। आईटी और टेक सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। टीसीएस, इन्फोसिस और अन्य बड़ी कंपनियों के शेयर 3 से 6 प्रतिशत तक टूटे। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
ग्लोबल मार्केट और अमेरिकी दबाव
अमेरिकी बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई, जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों को चिंता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी इंडेक्स में बड़ी गिरावट के बाद एशियाई बाजार भी कमजोरी के साथ खुले। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी बाजार में निवेशकों के लगभग 90 लाख करोड़ रुपये के बराबर मार्केट कैप का नुकसान हुआ है। इसी का असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा और घरेलू बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई।
किस सेक्टर पर पड़ रहा असर?
आईटी शेयरों में आई गिरावट ने बाजार की दिशा तय की। एक्सपर्ट का मानना है कि ग्लोबल डिमांड में सुस्ती और डॉलर इंडेक्स की मजबूती से आईटी कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा फिनटेक और स्टार्टअप कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर भी सतर्कता बढ़ी है। छोटे और मझोले शेयरों में भी दबाव देखा गया, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स कमजोर हुए। जानकार निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि घबराहट में फैसला लेने के बजाय पोर्टफोलियो को संतुलित रखें और लॉन्ग टर्म नजरिया अपनाएं।


