शरद पवार या कोई और… इकलौती राज्यसभा सीट पर उद्धव सेना का दावा, MVA में घमासान तय

शरद पवार या कोई और… इकलौती राज्यसभा सीट पर उद्धव सेना का दावा, MVA में घमासान तय

Rajya Sabha Election 2026: महाराष्ट्र से राज्यसभा की 7 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इन सात सीटों में से छह सीट भाजपा नीत महायुति गठबंधन और एक सीट विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन की झोली में जाने की पूरी संभावना है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एमवीए की इस एक सीट पर मुहर किसके नाम पर लगेगी। महाविकास आघाड़ी में शामिल कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के बीच इस पर मंथन जारी है।

क्या शरद पवार जाएंगे राज्यसभा?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शरद पवार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। शरद पवार राज्यसभा के उन 37 सदस्यों में शामिल हैं, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म होने वाला है। हालांकि इन अटकलों के बीच उद्धव की शिवसेना (UBT) ने एकमात्र सीट पर दावा ठोका है।

उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले अंतिम फैसला होने दिया जाए। महाविकास आघाड़ी के पास राज्यसभा के लिए एक ही सीट है और उतना ही संख्याबल भी मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र के हित और अस्मिता को ध्यान में रखते हुए तीनों दल आपसी सहमति से उम्मीदवार तय करेंगे।

आदित्य ठाकरे ने उठाया रोटेशन का मुद्दा

इससे पहले शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने रोटेशन फॉर्मूले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस बार राज्यसभा में शिवसेना उद्धव गुट का सांसद होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास आवश्यक संख्याबल मौजूद है। ठाकरे ने कहा, “एमवीए दलों के बीच कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। लेकिन अगर आंकड़ों को देखें तो राज्यसभा चुनाव की एक सीट शिवसेना (UBT) की है और एमवीए में निश्चित रूप से इस दिशा में बातचीत होगी।“

इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या शरद पवार का नाम पीछे छूट सकता है और उद्धव ठाकरे गुट की ओर से किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा।

सर्वसम्मति से होगा फैसला

संजय राउत ने कहा कि आदित्य ठाकरे ने जो कहा वह सही है। लेकिन शरद पवार देश के बड़े नेता हैं और कांग्रेस व शिवसेना (UBT) के कुछ नेता भी राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। शरद पवार और उनकी पार्टी क्या रुख अपनाते हैं, इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है। ऐसे में अंतिम निर्णय तीनों दल मिलकर ही करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना सर्वसम्मति के कोई फैसला नहीं होगा।

महाराष्ट्र से रिटायर हो रहे ये सांसद

महाराष्ट्र से जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार (NCP शरद गुट), रामदास अठावले (RPI), रजनी पाटिल (कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना उद्धव गुट), धैर्यशील पाटिल (भाजपा), फौजिया खान (NCP शरद गुट) और भगवत कराड (भाजपा) शामिल हैं। इन सीटों पर नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

महायुति का पलड़ा भारी

महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर महायुति की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। वर्तमान में 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 131, शिवसेना शिंदे गुट के 57 और एनसीपी अजित पवार गुट के 40 विधायक मिलाकर कुल 228 विधायक होते हैं। सात निर्दलीय और सहयोगी विधायकों के समर्थन से यह संख्या 235 तक पहुंचती है। जबकि अजित पवार और भाजपा के शिवाजीराव कार्डिले के निधन के कारण दो सीटें रिक्त हैं। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों की आवश्यक है। इस हिसाब से महायुति के छह उम्मीदवारों का जीतना लगभग तय माना जा रहा है।

इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की है। जिन्हें एनसीपी (सुनेत्रा पवार) राज्यसभा भेज सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा को चार सीटें, जबकि शिंदे गुट और अजित पवार गुट को एक-एक सीट मिल सकती है। हालांकि महायुति अगर सातवां उम्मीदवार उतारती है तो मुकाबला रोचक हो सकता है।

आघाडी के सामने बड़ी चुनौती

वहीं, राज्य के विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की बात करें तो शरद पवार गुट के 10, कांग्रेस के 16 और उद्धव ठाकरे गुट के 20 विधायक हैं। इसके अलावा माकपा और शेकाप के एक-एक विधायक का समर्थन है। कुल मिलाकर यह आंकड़ा 46 तक पहुंचता है। यदि सभी एकजुट रहें तो राज्यसभा की एक सीट आसानी से जीती जा सकती है, लेकिन उम्मीदवार किस पार्टी का होगा, इस पर खींचतान तय मानी जा रही है।

निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को राज्यसभा की रिक्त हो रही सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *