CM योगी से टकराव के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी पर नाराजगी जताई है। उन्नाव में उन्होंने कहा, वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं। लेकिन किसी की मां का अपमान असहनीय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां हमारी मां हैं। मां पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। खबरदार… उनके मजहब के लोगों को मौलाना को समझाना चाहिए। शंकराचार्य ने 7 मार्च को काशी से अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत की थी। 11 मार्च को वे लखनऊ में धर्मसभा करेंगे। सोमवार को वे सीतापुर के प्राचीन तीर्थ नैमिषारण्य पहुंचे। ललिता देवी मंदिर में पूजा अर्चना की। शंकराचार्य रात्रि विश्राम वहीं करेंगे। मौलाना अब्दुल्ला सालिम ने बिहार में योगी की मां को अपशब्द बोले थे। उनके खिलाफ रविवार को बलरामपुर में केस दर्ज हुआ है। यूपी के अलग-अलग जिलों में मौलाना के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए। अब शंकराचार्य की पूरी बात पढ़िए… मौलाना को सुनाई खरी खोटी शंकराचार्य ने कहा, देखिए चाहे कोई मौलाना हो, चाहे कोई पंडित हो, किसी की मां तक जाने की हिम्मत नहीं होनी चाहिए। योगी आदित्यनाथ की मां हमारी मां हैं। मां के स्तर पर जाओगे तो हम जितने बैठे हैं ना, सब की मां हमारी मां है और हमारी मां आप सब की मां हैं। ये हम लोगों का हिंदुओं का व्यवहार है। इसलिए आदित्यनाथ जी की मां के बारे में जिसने भी बोला है, बहुत गलत बोला है। हम उसकी भर्त्सना कर रहे हैं। आप सबके सामने सार्वजनिक रूप से और उनके मज़हब वालों को हम कहना चाहते हैं कि अपने मौलाना को समझाइए। इससे आपका मज़हब भी छोटा महसूस होता है। मां तक जाने की ज़रूरत नहीं है। इस्लाम में भी मां का दर्जा सबसे ऊंचा माना गया है। हमारे यहां भी “पितुः शतगुणी माता गौरवेणातिरिच्यते”, शास्त्र कहता है कि सबसे बड़ा पिता है, क्योंकि वही हमारा जन्मदाता है। लेकिन उससे भी सौ गुना अधिक माता का दर्जा है। तो मां के बारे में आप इस तरह की गलत बयानबाजी करते हैं, अपशब्द बोलते हैं, खबरदार, नहीं बोलना चाहिए। किसी के कहने पर हम बोलें, ऐसे दिन नहीं आए
आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि शंकराचार्य अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के गुरु हैं, उनसे जो कहा जाता है वही बोलते हैं। इस पर शंकराचार्य ने कहा, कोई उनका शिष्य हो जाए अलग बात है लेकिन शंकराचार्य किसी का शिष्य हो जाए और किसी के कहने पर बोलने लगे अभी इतने गिरे दिन शंकराचार्य के नहीं आए हैं। राक्षस हिरण्यकश्यप के राज से भाजपा शासन की तुलना की
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मौजूदा शासन की तुलना राक्षस हिरण्यकश्यप राज से करते हुए कहा, हिरण्यकश्यप के राज में संन्यासियों पर अत्याचार होता था। वो राज आ गया है। उन्होंने कहा कि माघ के मेले में मौनी अमावस्या के दिन अपने आप को संन्यासी कहने वाले मुख्यमंत्री की पुलिस ने डंडे बरसाए। संन्यासियों के ऊपर, ब्रह्मचारियों के ऊपर डंडे बरसाने का मतलब क्या है? यही तो हिरण्यकश्यप के राज में होता था। क्या यह हिरण्यकश्यप का राज फिर से आ गया? इस बात पर अब हम को विचार करना पड़ रहा है। शंकराचार्य ने पुराणों के हवाले से गाय और ब्राह्मण को विष्णु का रूप बताते हुए कहा, ये भगवान विष्णु के सगुण स्वरूप हैं। उन्हीं ब्राह्मणों में से डंडी संन्यासी होते हैं। आज आपके उत्तर प्रदेश में इन्हीं के ऊपर प्रहार हो रहा है। गाय और ब्राह्मण के ऊपर प्रहार हो रहा है। भाजपा और सनातन में क्या अंतर- इस सवाल के जवाब में शंकराचार्य ने कहा, क्या हाथी को देखा है आपने? हाथी के दो दांत होते हैं। एक दिखाने के और एक खाने के। हमारे सनातन में और भारतीय जनता पार्टी के सनातन में अंतर यह है कि उनका दांत दिखाने का है और हमारा खाने का है। हमारा जो सनातन धर्म है, उससे पुण्य-पाप होता है, स्वर्ग-नरक मिलता है, और उनके सनातन धर्म से सत्ता मिलती है, और सुख मिलता है। 11 मार्च को करेंगे धर्मयुद्ध की घोषणा
शंकराचार्य ने कहा, 11 मार्च को लखनऊ में हम लोग जो 40 दिन का निष्कर्ष है, वो सामने रखेंगे और धर्मयुद्ध की घोषणा करके उसका शंखनाद करेंगे। तो धर्मयुद्ध की घोषणा होगी तो युद्ध आरंभ हो जाएगा। उसी समय शंख बजने के बाद युद्ध आरंभ हो जाएगा। यह वैचारिक युद्ध है। इसमें मिसाइल छोड़े नहीं जाएंगे, किसी को मारा-पीटा नहीं जाएगा, लेकिन विचार की मिसाइलें चलेंगी। वाणी के बाण चलेंगे। उनकी तरफ से तर्क और प्रमाण आएंगे असली-नकली हिंदू के बारे में, क्योंकि कोई अपने को नकली हिंदू नहीं कह रहा। इसलिए जब हमारे और उनके बीच में युद्ध होगा, शस्त्र-अस्त्र शास्त्र के चलेंगे, तो जनता देखने वाली समझ जाएगी कि किसका सही है, किसका गलत है, कौन असली है, कौन नकली। अब बात मौलाना की, जिसने योगी की मां पर टिप्पण की थी मौलाना ने कहा था- योगीजी की…. मौलाना अब्दुल्ला सालिम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने रमजान के महीने में बिहार में आयोजित एक धार्मिक जलसे में दिया। मौलाना ने कहा, ‘योगीजी की… भी आकर खा लेते। आप मटन खा लेते। आप मांस खा लेते। एक विवादित टॉपिक है, उधर नहीं जाऊंगा। उत्तर प्रदेश में पता है कैसा कानून बना है? पूछिए दिल साहब से (मंच पर बैठे एक व्यक्ति की तरफ इशारा करते हुए)। अगर किसी के पास योगीजी की… हमारे हिंदू भाई बुरा नहीं मानिएगा। आई रिस्पेक्ट योर माताजी। हम आपके अकीदे (विश्वास) का सम्मान करते हैं। लेकिन, आपको दावत भी देते हैं कि इस्लाम से बेस्ट कोई अकीदा नहीं है। अगर ढाई सौ ग्राम तक योगीजी की…. पाया जाए तो उनके घुटने से नीचे गोली से छेद करने का ऑर्डर है।’ (मौलाना का पूरा बयान हम यहां हूबहू लिख नहीं सकते हैं। इसलिए आपत्तिजनक शब्दों को डॉट कर दिया है।)


