शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज पट्टी के भानेपुर पहुंचेंगे:17 फरवरी को श्रीमद् भागवत कथा में होंगे शामिल, तैयारियां तेज

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज पट्टी के भानेपुर पहुंचेंगे:17 फरवरी को श्रीमद् भागवत कथा में होंगे शामिल, तैयारियां तेज

प्रतापगढ़ के पट्टी तहसील क्षेत्र स्थित भानेपुर तिवारीपुर गांव में 12 फरवरी से श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 17 फरवरी को जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। गुरुवार को कार्यक्रम स्थल पर गाना मित्र परिवार द्वारा एक बैठक आयोजित की गई। इसमें जगद्गुरु शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगी की उपस्थिति में उनके आगमन की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज 17 फरवरी को दिन में 11 बजे फ्लाइट से प्रयागराज पहुंचेंगे। उनके मीडिया प्रभारी डॉ. शैलेंद्र योगी ने बताया कि प्रयागराज में स्वागत के बाद वे सड़क मार्ग से पट्टी तहसील के भानेपुर गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। उनके समर्थकों में अभी से काफी उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल भानेपुर तिवारीपुर से महज 2 किलोमीटर दूर शंकराचार्य का पैतृक गांव बाभनपुर स्थित है। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके आगमन पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु और समर्थक जुटेंगे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि गुरुवार को कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के साथ ही स्थल पर साफ-सफाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। 17 फरवरी को शंकराचार्य के आगमन पर आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पहली बार आ रहे है प्रतापगढ़, पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा यह गौरव का विषय सबसे खास बात यह है कि जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज पहली बार प्रतापगढ़ और पट्टी तहसील आ रहे हैं जिसको लेकर के लोगों में खासा उत्साह है वहीं प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने कहा कि पट्टी की मातृभूमि पर उनका आगमन गौरव का विषय है। कथावाचक गिरीशचंद्र त्रिपाठी सुनाएंगे कथा, हजारों की भीड़ की संभावना 12 फरवरी से शुरू हो रहे हैं श्रीमद् भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ में कथा को सुनने के लिए कथा वाचक गिरीश चंद्र त्रिपाठी रहेंगे जो श्री रामचरितमानस पाठ में पीएचडी किए हैं। गाना मिश्रा परिवार अपने धार्मिक कार्यों के लिए क्षेत्र में जाना जाता है इनका दिल्ली में सोने चांदी का व्यापार है मगर अपने उदारवादी व्यवहार के कारण इनकी बहुत ही कुशल मानी जाती है उनके परिवार के लोग यजमान के रूप में तुलसीराम मिश्रा एवं श्रीमती चन्द्रकली देवी,रामजग मिश्रा एवं श्रीमती सावित्री देवी,राम मिलन मिश्रा एवं श्रीमती पुष्पा देवी, इंद्रमणि मिश्रा एवं श्रीमती पुष्पा देवी रहेगी।

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