अररिया में ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों के कल्याण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से एक समन्वय बैठक और सितारा योजना संबंधी उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया द्वारा जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया शंभू कुमार रजक, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के सचिव अभय श्रीवास्तव, विशेषज्ञ रेशमा प्रसाद, चिकित्सक डॉ. जितेंद्र कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस कविता कुमारी और अन्य उपस्थित हितधारकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत संबोधन में शंभू कुमार रजक ने ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आग्रह किया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। इसका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में सक्षम बनाना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय हमारे समाज का अभिन्न अंग है। इन्हें समाज से अलग करने के बजाय साथ जोड़कर आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कानूनी अधिकारों, संरक्षण और जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि अधिकारों की जानकारी से ही सामाजिक समावेशन संभव है। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता विशेषज्ञ रेशमा प्रसाद ने लिंग की परिभाषा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि जेंडर एक प्रकार से परफॉर्मेंस है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस प्रकार परफॉर्म करता है। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पहचान स्वीकार करने का अधिकार है और किसी की पहचान अपराध नहीं, बल्कि उसकी अस्मिता है। ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान, अवसर और सुरक्षा प्रदान की जाए मेरी पहचान मेरा जेंडर है”-इस विचार के साथ उन्होंने समाज से अपील की कि ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान, अवसर और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि ‘सितारा’ योजना विशेष रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण, सामाजिक एकीकरण, पुनर्वास और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक बनाया गया है। इस योजना के तहत, जिलेवार कमिटी गठित की गई है जो पहचान पत्र जारी करने, समुदाय को जागरूकता करने और कानूनी सहायता के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय की चुनौतियों का समाधान करने का काम करती हैं। उन्होंने अपने संबोधन में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समस्याएं, सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास एवं न्यायालय के आदेश संबंधी विशेष जानकारी एवं अपना अनुभव भी साझा किए। इससे पूर्व उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय के उपस्थित सभी व्यक्तियों को शॉल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं कानूनी सशक्तिकरण को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग केंद्र अररिया सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी एवं किन्नर समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। अररिया में ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों के कल्याण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से एक समन्वय बैठक और सितारा योजना संबंधी उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया द्वारा जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया शंभू कुमार रजक, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के सचिव अभय श्रीवास्तव, विशेषज्ञ रेशमा प्रसाद, चिकित्सक डॉ. जितेंद्र कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस कविता कुमारी और अन्य उपस्थित हितधारकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत संबोधन में शंभू कुमार रजक ने ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आग्रह किया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। इसका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में सक्षम बनाना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय हमारे समाज का अभिन्न अंग है। इन्हें समाज से अलग करने के बजाय साथ जोड़कर आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कानूनी अधिकारों, संरक्षण और जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि अधिकारों की जानकारी से ही सामाजिक समावेशन संभव है। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता विशेषज्ञ रेशमा प्रसाद ने लिंग की परिभाषा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि जेंडर एक प्रकार से परफॉर्मेंस है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस प्रकार परफॉर्म करता है। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पहचान स्वीकार करने का अधिकार है और किसी की पहचान अपराध नहीं, बल्कि उसकी अस्मिता है। ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान, अवसर और सुरक्षा प्रदान की जाए मेरी पहचान मेरा जेंडर है”-इस विचार के साथ उन्होंने समाज से अपील की कि ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान, अवसर और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि ‘सितारा’ योजना विशेष रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण, सामाजिक एकीकरण, पुनर्वास और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक बनाया गया है। इस योजना के तहत, जिलेवार कमिटी गठित की गई है जो पहचान पत्र जारी करने, समुदाय को जागरूकता करने और कानूनी सहायता के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय की चुनौतियों का समाधान करने का काम करती हैं। उन्होंने अपने संबोधन में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समस्याएं, सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास एवं न्यायालय के आदेश संबंधी विशेष जानकारी एवं अपना अनुभव भी साझा किए। इससे पूर्व उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय के उपस्थित सभी व्यक्तियों को शॉल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं कानूनी सशक्तिकरण को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग केंद्र अररिया सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी एवं किन्नर समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।


