शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) ने 6 अप्रैल 2026 को श्री अमृतसर स्थित तेजा सिंह समुद्री हॉल में सभी सिख जत्थेबंदियों की साझा बैठक बुलाने की घोषणा की है। इस बैठक का उद्देश्य पंजाब सरकार द्वारा बेअदबी से जुड़े कानून बनाने के प्रस्ताव पर सिख समाज की एकजुट राय तैयार करना है। SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने चंडीगढ़ में मीडिया को बताया कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि सिख धर्मग्रंथ और श्री गुरु ग्रंथ साहिब में अंतर को समझते हुए, जगत जोत गुरु की प्रतिष्ठा और महत्ता की सुरक्षा सर्वोपरि है। यही कारण है कि सभी सिख जत्थेबंदियों, निहंग दलों, दमदमी टकसाल, सिख विद्वानों, जजों, वकीलों और धार्मिक संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है। धामी ने कहा कि पंजाब सरकार ने पहले पंजाब धार्मिक ग्रंथों के विरुद्ध अपराध रोकथाम बिल 2025 के लिए चयन समिति बनाई थी, लेकिन बार-बार अनुरोध करने के बावजूद समिति की ओर से कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा, जगत जोत एक्ट 2008 में संशोधन की चर्चा ने नई दुविधा पैदा कर दी है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कानून केवल पंजाब में लागू होगा, तो अन्य राज्यों में बेअदबी की घटनाओं को कैसे रोका जाएगा। SGPC का मानना है कि सख्त कानून ही बेअदबी को रोक सकता है SGPC का मानना है कि सख्त कानून बनाने से ही बेअदबी की घटनाओं को रोका जा सकता है। धामी ने सभी सिख जत्थेबंदियों और संप्रदायों के मुखियों से 6 अप्रैल की बैठक में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि साझा पंथक राय बनाने के बाद ही इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है।


