पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बार फिर स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां 8 जनवरी तक स्थगित रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य पर ठंड के प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। न्यूनतम तापमान में दर्ज की जा रही लगातार गिरावट जिला प्रशासन ने बताया कि पिछले कई दिनों से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह-शाम घना कोहरा, ठंडी पछुआ हवाएं और शीतलहर बच्चों, विशेषकर छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ा रही है। इसी स्थिति को देखते हुए यह पांचवीं बार है जब स्कूल बंद करने का निर्देश दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, नर्सरी से लेकर उच्च विद्यालय तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की उपस्थिति पर रोक रहेगी। हालांकि, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि ठंड का असर जारी रहा, तो आगे की तारीखों के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधन से आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें और उन्हें अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें। प्रशासन ठंड से राहत मिलने तक स्थिति पर सतर्कता से नजर बनाए हुए है। पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बार फिर स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां 8 जनवरी तक स्थगित रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य पर ठंड के प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। न्यूनतम तापमान में दर्ज की जा रही लगातार गिरावट जिला प्रशासन ने बताया कि पिछले कई दिनों से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह-शाम घना कोहरा, ठंडी पछुआ हवाएं और शीतलहर बच्चों, विशेषकर छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ा रही है। इसी स्थिति को देखते हुए यह पांचवीं बार है जब स्कूल बंद करने का निर्देश दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, नर्सरी से लेकर उच्च विद्यालय तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की उपस्थिति पर रोक रहेगी। हालांकि, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि ठंड का असर जारी रहा, तो आगे की तारीखों के संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधन से आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें और उन्हें अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें। प्रशासन ठंड से राहत मिलने तक स्थिति पर सतर्कता से नजर बनाए हुए है।


