गोपालगंज में कड़ाके की ठंड का कहर:पछुआ हवा से बढ़ी कनकनी, अलाव के सहारे गुजर रही रात

गोपालगंज में कड़ाके की ठंड का कहर:पछुआ हवा से बढ़ी कनकनी, अलाव के सहारे गुजर रही रात

गोपालगंज में कड़ाके की ठंड और तेज पछुआ हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साल के आखिरी दिन बुधवार की सुबह मध्यम कोहरे के साथ हुई, जिससे जनजीवन की रफ्तार सुस्त नजर आई। ठंड का असर इतना ज्यादा है कि लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं, जबकि सुबह-शाम अलाव के बिना गुजारा मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। पछुआ हवा से बढ़ी ठंड की तीव्रता हिमालयी क्षेत्रों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण गोपालगंज में कनकनी का प्रकोप लगातार बना हुआ है। हवा की रफ्तार भले ही सामान्य हो, लेकिन ठंड का एहसास कहीं ज्यादा तीखा हो गया है। सुबह-सुबह घरों से निकलने वाले लोग ठिठुरते नजर आए। खेतों में काम करने वाले मजदूरों और खुले में काम करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे से यातायात प्रभावित सुबह के समय मध्यम कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। एनएच-27 सहित जिले के अन्य मुख्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी देखी गई। कई वाहन चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। खासकर सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अलाव बना राहत का एकमात्र सहारा कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए लोग चौक-चौराहों और बाजारों में अलाव का सहारा ले रहे हैं। सुबह और शाम के समय अलाव के आसपास लोगों की भीड़ देखी जा रही है। रिक्शा चालक, ठेला-खोमचा लगाने वाले और दिहाड़ी मजदूर अलाव जलाकर खुद को ठंड से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि इस बार ठंड पिछले सालों की तुलना में ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी की सलाह मौसम में अचानक आई ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है। उन्हें सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। ठंड के कारण सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं में भी इजाफा देखा जा रहा है। नववर्ष पर मौसम का मिजाज बदलेगा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जनवरी यानी नए साल के पहले दिन गोपालगंज सहित उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाए रहने की संभावना है। इससे न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन दिन के समय ठंड और बढ़ सकती है। बादल छाने से धूप कम निकलने की आशंका है, जिससे ठंड का असर बना रहेगा। शाम होते ही बढ़ेगी कनकनी मौसम विभाग का अनुमान है कि जैसे-जैसे शाम ढलेगी, तापमान में फिर से गिरावट आएगी और रात के समय ठंड और ज्यादा सताएगी। पछुआ हवाओं के चलते रात में कनकनी बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड को लेकर लापरवाही न बरतें और जरूरतमंदों की मदद करें। कुल मिलाकर, गोपालगंज में ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं और आने वाले कुछ दिन भी लोगों को इसी तरह सर्दी का सामना करना पड़ेगा। गोपालगंज में कड़ाके की ठंड और तेज पछुआ हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साल के आखिरी दिन बुधवार की सुबह मध्यम कोहरे के साथ हुई, जिससे जनजीवन की रफ्तार सुस्त नजर आई। ठंड का असर इतना ज्यादा है कि लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं, जबकि सुबह-शाम अलाव के बिना गुजारा मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। पछुआ हवा से बढ़ी ठंड की तीव्रता हिमालयी क्षेत्रों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं के कारण गोपालगंज में कनकनी का प्रकोप लगातार बना हुआ है। हवा की रफ्तार भले ही सामान्य हो, लेकिन ठंड का एहसास कहीं ज्यादा तीखा हो गया है। सुबह-सुबह घरों से निकलने वाले लोग ठिठुरते नजर आए। खेतों में काम करने वाले मजदूरों और खुले में काम करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे से यातायात प्रभावित सुबह के समय मध्यम कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। एनएच-27 सहित जिले के अन्य मुख्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी देखी गई। कई वाहन चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। खासकर सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अलाव बना राहत का एकमात्र सहारा कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए लोग चौक-चौराहों और बाजारों में अलाव का सहारा ले रहे हैं। सुबह और शाम के समय अलाव के आसपास लोगों की भीड़ देखी जा रही है। रिक्शा चालक, ठेला-खोमचा लगाने वाले और दिहाड़ी मजदूर अलाव जलाकर खुद को ठंड से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि इस बार ठंड पिछले सालों की तुलना में ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी की सलाह मौसम में अचानक आई ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है। उन्हें सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। ठंड के कारण सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं में भी इजाफा देखा जा रहा है। नववर्ष पर मौसम का मिजाज बदलेगा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जनवरी यानी नए साल के पहले दिन गोपालगंज सहित उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाए रहने की संभावना है। इससे न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन दिन के समय ठंड और बढ़ सकती है। बादल छाने से धूप कम निकलने की आशंका है, जिससे ठंड का असर बना रहेगा। शाम होते ही बढ़ेगी कनकनी मौसम विभाग का अनुमान है कि जैसे-जैसे शाम ढलेगी, तापमान में फिर से गिरावट आएगी और रात के समय ठंड और ज्यादा सताएगी। पछुआ हवाओं के चलते रात में कनकनी बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड को लेकर लापरवाही न बरतें और जरूरतमंदों की मदद करें। कुल मिलाकर, गोपालगंज में ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं और आने वाले कुछ दिन भी लोगों को इसी तरह सर्दी का सामना करना पड़ेगा।  

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