गोमती तट पर उत्तरायणी कौथिग में सातवां दिन सांस्कृतिक उत्सव:पहाड़ की संस्कृति और ‘पहाड़ की आवाज’ प्रतियोगिता का आयोजन

गोमती तट पर उत्तरायणी कौथिग में सातवां दिन सांस्कृतिक उत्सव:पहाड़ की संस्कृति और ‘पहाड़ की आवाज’ प्रतियोगिता का आयोजन

लखनऊ में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग का सातवां दिन गोमती तट पर पहाड़ की संस्कृति, सुर और संवेदनाओं से सराबोर रहा। पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, बीरबल साहनी मार्ग पर सजी इस सांस्कृतिक संध्या में ‘पहाड़ की आवाज’ गायन प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में दर्शकों ने प्रवासी पहाड़ी लोकगायकों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। पर्वतीय महापरिषद के सचिव शंकर पाण्डेय की परिकल्पना से तैयार मंच उत्तराखंड के पारंपरिक घर, आंगन, फुलवारी और नदी घाटियों की झलक प्रस्तुत कर रहा था। इस दौरान लखनऊ में रह रहे दिग्गज पहाड़ी लोकगायकों की सधी हुई गायकी से पूरा परिसर पहाड़ की वादियों सा गूंज उठा। तीन दिवसीय प्रतियोगिता के पहले दिन बलवंत वाणगी, दिव्यांशु जोशी, राधा मेहरा, ललिता जोशी और रीमा वाणगी ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। पिछले वर्ष से प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ रही महासचिव महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्डी प्रवासी समाज की नई पीढ़ी संगीत में कुशल होने के बावजूद भाषा ज्ञान के अभाव में लोकगीतों से दूर हो रही है। इसी उद्देश्य से ‘पहाड़ की आवाज’ प्रतियोगिता शुरू की गई है, ताकि युवाओं को उत्तराखण्डी गीतों की ओर प्रेरित किया जा सके और अनुभवी कलाकारों को बेहतर मंच मिल सके। प्रतियोगिता के प्रायोजक सातू-आठू प्रोडक्शन के निर्माता चंचल सिंह बोरा हैं, जिन्होंने बताया कि पिछले वर्ष से प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में क्षेत्रीय शाखाओं की नृत्य प्रस्तुतियां, झोड़ा प्रतियोगिताएं और छपेली प्रतियोगिता ‘झूमिगो सीजन-4’ भी आयोजित की गईं। झोड़ा प्रतियोगिता में विजय नगर, कटहरी बाग, शाहीनूर कॉलोनी और आदर्श नगर नीलमथा की टीमों ने भाग लिया। छपेली में गोमती नगर शाखा, तेलीबाग रामलीला समिति, महिला शाखा गोमती नगर और माही वेलफेयर सोसाइटी शक्ति नगर की प्रस्तुतियों को सराहा गया। लोकगाथा पर आधारित नृत्य नाटिका ‘प्योली’ ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड से आए अतिथि कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रोता मंत्रमुग्ध नजर आए।

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