Ravi Kishan On Nora Fatehi Song Controversy: फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों गानों में बढ़ती बोल्डनेस और कंटेंट को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच अभिनेता और सांसद रवि किशन ने फिल्म ‘केडी-द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि मनोरंजन के नाम पर ऐसी चीजों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए, जो समाज की संस्कृति और मूल्यों को नुकसान पहुंचाए।
संस्कृति के खिलाफ कंटेंट पर सख्त रुख (Ravi Kishan On Nora Fatehi Song Controversy)
रवि किशन ने ANI से बातचीत करते हुए कहा कि फिल्मों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है, ऐसे में फिल्मकारों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर कोई कंटेंट लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है या सामाजिक मूल्यों को कमजोर करता है, तो उसे बढ़ावा देना सही नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में बिना अश्लीलता के भी फिल्में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने ‘धुरंधर 2’ जैसी फिल्मों का जिक्र किया, जो बिना विवादित कंटेंट के भी करोड़ों का कारोबार करने की क्षमता रखती हैं।
‘गाने के नाम पर अश्लीलता सही नहीं’
रवि किशन ने साफ तौर पर कहा कि सिर्फ फिल्म को प्रमोट करने या चर्चा में लाने के लिए गानों में अश्लीलता जोड़ना गलत है। उन्होंने इस ट्रेंड का विरोध करते हुए कहा कि यह न सिर्फ दर्शकों पर गलत असर डालता है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति गलत सोच को भी बढ़ावा दे सकता है।
महिला आयोग ने भी जताई चिंता
इस विवाद को लेकर कर्नाटक स्टेट कमिशन फॉर वुमन ने भी कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने सेंसर बोर्ड (CBFC) से इस गाने पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
आयोग का कहना है कि गाने के बोल और दृश्य महिलाओं की छवि को गलत तरीके से पेश करते हैं, जो उनकी गरिमा के खिलाफ है। इसके अलावा, इस तरह का कंटेंट समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर भी असर डाल सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री को दी चेतावनी
महिला आयोग ने कर्नाटक फिल्म चेंबर ऑफ कोमर्स को भी पत्र लिखकर फिल्म निर्माताओं से अपील की है कि वे गानों और डायलॉग्स में अश्लील या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल न करें।
आयोग ने यह भी कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा देने का काम भी करता है। ऐसे में फिल्मकारों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कंटेंट तैयार करना चाहिए।
बढ़ता विवाद, सख्त नियमों की मांग
‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा मानते हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग इसे अश्लील और आपत्तिजनक बता रहे हैं।
अब इस पूरे मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में सेंसरशिप, कंटेंट की सीमा और जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद पर क्या फैसला लिया जाता है और क्या फिल्म इंडस्ट्री अपने कंटेंट को लेकर कोई नई दिशा तय करती है।


