बांदा में बहुजन समाज पार्टी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता (सिविल) अजय कुमार पर भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और सरकारी धन के गबन के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने बताया कि विभागीय जांच में ये आरोप सही पाए गए हैं। अब उनकी संपत्तियों और कृत्यों की खुली सतर्कता जांच कराने की मांग की गई है। बहुजन समाज पार्टी के अनुसार, अजय कुमार ने ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया है और अकूत संपत्ति अर्जित की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं कीं, जिससे सरकारी खजाने को भारी क्षति हुई। अजय कुमार की नियुक्ति वर्ष 2018 में सहायक अभियंता के पद पर हुई थी। उन्होंने 2019 में राष्ट्रीय मार्ग खंड, बांदा में कार्यभार संभाला। राष्ट्रीय मार्ग खंड के अकार्यकारी होने के बावजूद, उन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर निर्माण खंड 707-1, लोक निर्माण विभाग, बांदा का अतिरिक्त प्रभार प्राप्त कर लिया था। हालांकि, उनकी कार्यप्रणाली के कारण यह प्रभार बाद में समाप्त कर दिया गया। इसके बाद, उन्होंने प्रांतीय खंड, बांदा का अतिरिक्त प्रभार हासिल किया और फिर वहीं अपनी नियमित तैनाती करा ली। स्थानांतरण नीति के तहत उनका तबादला राष्ट्रीय मार्ग खंड, झांसी में हुआ था, लेकिन दबाव पड़ने पर ही उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण किया। राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने इस स्थानांतरण को वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक के लिए स्थगित कराकर बांदा में अपनी यथावत तैनाती बनाए रखी। हाल ही में, 14 जून 2025 को उनका पुनः स्थानांतरण राष्ट्रीय मार्ग खंड, बस्ती में हुआ है, लेकिन उन्होंने अभी तक नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, जांच अधिकारी ने अजय कुमार पर लगे आरोपों को प्रमाणित पाया है। शिकायतकर्ता ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि अजय कुमार द्वारा सेवा में आने के बाद से अर्जित सभी संपत्तियों और उनके कृत्यों की खुली सतर्कता जांच के लिए उचित आदेश जारी किए जाएं।


