सहारनपुर के देवबंद थाना क्षेत्र में एक नाबालिग पीड़िता ने दुष्कर्म के मामले में पुलिस पर गंभीर लापरवाही और आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। सोमवार को पीड़िता और उसके परिजनों ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि 8 अक्टूबर 2025 को वह मोबाइल ठीक कराने गई थी। इसी दौरान खुशनसीब उर्फ पन्नी, जाउल और एक अन्य युवक उसे जबरन बाइक पर बैठाकर जंगल ले गए। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर मारपीट भी की गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया। परिजनों का आरोप है कि प्रारंभिक शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से हल्की धाराओं में कार्रवाई की गई, जिससे वे आसानी से जमानत पर छूट गए। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हो सका। हालांकि, परिजनों का कहना है कि दर्ज होने के बाद भी जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल जांच के नाम पर एक पुलिसकर्मी द्वारा पैसे की मांग की गई और जांच अधूरी कराई गई। इसके अतिरिक्त, आरोपियों की मोबाइल लोकेशन भी नहीं निकलवाई गई, जो जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता था। परिवार ने बताया कि पीड़िता नाबालिग है, लेकिन पुलिस द्वारा उसकी उम्र 18 वर्ष दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत उचित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उन पर मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार धमकियां दे रहे हैं। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष पुनः जांच कराई जाए, उसका दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया जाए और दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई जाएं। उसने सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।


