जनपद पंचायत विजयपुर की ग्राम पंचायत बरौली में सरपंच और प्रभारी सचिव पर पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अपात्र व्यक्तियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिया गया है। गुरुवार को बरौली के प्रभावित ग्रामीणों ने श्योपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच तथा कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत बरौली के सरपंच गिर्राज रावत और प्रभारी सचिव हाकिम रावत ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने सगे-संबंधियों और संपन्न व्यक्तियों के नाम खाद्यान्न पर्चियां जारी कराईं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों को यह लाभ दिया गया है, वे पहले से ही कृषि भूमि के मालिक हैं, भौतिक सुख-सुविधाओं से संपन्न हैं और उनके पास पक्के मकान भी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची में जानबूझकर ऐसे लोगों के नाम जोड़े गए जो आवास के लिए अयोग्य थे। कई लाभार्थियों के पास पहले से ही पक्के और बहुमंजिला मकान होने का दावा किया गया है। इस कारण वास्तविक गरीब और पात्र हितग्राही इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए। ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि खाद्यान्न पर्ची और आवास योजना के तहत अपात्र रूप से लाभान्वित किए गए सभी नामों को तत्काल निरस्त किया जाए। उन्होंने सरपंच और प्रभारी सचिव के विरुद्ध पद के दुरुपयोग के लिए सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाने की भी मांग की। ज्ञापन के साथ खाद्यान्न पर्चियों की प्रतियां और आवास योजना की जारी पात्र सूची भी संलग्न की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायने में जरूरतमंदों तक पहुंच सके।


