मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर पंडौल औद्योगिक क्षेत्र परिसर में सोमवार को उद्यमियों के साथ एक सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के परियोजना प्रबंधक, बीयाडा (BIADA) दरभंगा के उप महाप्रबंधक, पंडौल औद्योगिक क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक और कई उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, उद्यमियों की समस्याओं को सुनना और राज्य सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देना था। सेमिनार के दौरान, जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के परियोजना प्रबंधक ने उद्यमियों को राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद, बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2016 और बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज, 2025 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इन योजनाओं के तहत उपलब्ध प्रोत्साहन, अनुदान और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया, ताकि उद्यमी इनका अधिकतम लाभ उठाकर अपने उद्योगों का विस्तार कर सकें और जिले में नए निवेश को बढ़ावा मिल सके। रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया उद्यमियों से आग्रह किया गया कि वे राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक निवेश करें। उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर, उद्यमियों ने औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के नियमित संवाद कार्यक्रमों से प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे जिले में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर पंडौल औद्योगिक क्षेत्र परिसर में सोमवार को उद्यमियों के साथ एक सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के परियोजना प्रबंधक, बीयाडा (BIADA) दरभंगा के उप महाप्रबंधक, पंडौल औद्योगिक क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक और कई उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, उद्यमियों की समस्याओं को सुनना और राज्य सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देना था। सेमिनार के दौरान, जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी के परियोजना प्रबंधक ने उद्यमियों को राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद, बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2016 और बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज, 2025 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इन योजनाओं के तहत उपलब्ध प्रोत्साहन, अनुदान और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया, ताकि उद्यमी इनका अधिकतम लाभ उठाकर अपने उद्योगों का विस्तार कर सकें और जिले में नए निवेश को बढ़ावा मिल सके। रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया उद्यमियों से आग्रह किया गया कि वे राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक निवेश करें। उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर, उद्यमियों ने औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों से अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के नियमित संवाद कार्यक्रमों से प्रशासन और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे जिले में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।


