जिला अभिभाषक संघ कोटपूतली ने आरूषि गुप्ता के गुजरात न्यायिक सेवा में चयन होने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया। आरूषि ने गुजरात न्यायिक सेवा में चौथी रैंक हासिल की है। समारोह के मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि शर्मा ने न्यायिक सेवा को एक तपस्या का कार्य बताया। उन्होंने कहा कि इसमें स्वयं के साथ परिवार की मेहनत भी महत्वपूर्ण योगदान रखती है। न्यायाधीश शर्मा ने न्यायिक सेवा को कानून व न्याय व्यवस्था को अनवरत रूप से चलाए रखने और पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु एक पवित्र कार्य करार दिया। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डिम्पल जण्डेल ने बताया कि वर्तमान में न्यायिक सेवा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डिम्पल जण्डेल, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष बजरंग लाल शर्मा, सचिव मुकेश कुमार यादव, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह शेखावत, कोषाध्यक्ष अजय सिंह तंवर सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने आरूषि गुप्ता का साफा, माला पहनाकर, गुलदस्ते और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। उनके माता-पिता का भी सम्मान किया गया। सचिव मुकेश कुमार यादव ने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को प्रेरित करने और सहयोग करने के लिए जिला अभिभाषक संघ सदैव तैयार है। उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह शेखावत ने आरूषि गुप्ता की मेहनत से अन्य सदस्यों को भी प्रेरणा लेने की अपील की। कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता रिछपाल सिंह चौधरी, जयसिंह शेखावत, ओमप्रकाश सैनी, मुरारीलाल शर्मा, प्रणवेश कुमार जोशी, मधुसूदन अग्रवाल, प्रेमप्रकाश शर्मा, प्रभा अग्रवाल, संजय यादव, राजेंद्र चौधरी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी संबोधित किया।


